Health Tips- फैटी लिवर क्या बदल सकता हैं कैंसर में, जानिए एक्सपर्ट्स की राय
दोस्तो आज के दूषित खान पान की वजह से फैटी लिवर की बीमारी आम होती जा रही हैं, अक्सर पूछे जाने वाले सवालों में से एक यह है कि क्या फैटी लिवर होने से कैंसर हो सकता है। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, फैटी लिवर होने से अपने आपको कैंसर नहीं हो जाता, लेकिन इस बीमारी के कुछ रूप समय के साथ लिवर कैंसर होने का खतरा बढ़ा सकते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-
1. फैटी लिवर की बीमारी क्या है?
फैटी लिवर की बीमारी तब होती है जब लिवर में बहुत अधिक फैट (वसा) जमा हो जाता है। इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं दे सकते हैं। हालांकि, अगर फैट जमा होने के साथ-साथ सूजन (इन्फ्लेमेशन) भी हो और लिवर को लगातार नुकसान पहुंचता रहे, तो यह बीमारी आगे बढ़ सकती है और लिवर में स्कारिंग (निशान या घाव) का कारण बन सकती है।

फैटी लिवर को अक्सर इसमें जमा फैट की मात्रा के आधार पर ग्रेड 1, ग्रेड 2 या ग्रेड 3 के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। कुछ मरीजों में, यह स्थिति आगे बढ़कर फाइब्रोसिस और अंततः सिरोसिस का रूप ले सकती है, जिसमें लिवर पर गंभीर निशान (स्कारिंग) बन जाते हैं।
2. क्या फैटी लिवर से कैंसर हो सकता है?
फैटी लिवर की बीमारी लिवर कैंसर के बढ़ते खतरे से जुड़ी हो सकती है। इसमें विशेष रूप से 'हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा' (hepatocellular carcinoma) का खतरा होता है, जो प्राइमरी लिवर कैंसर का सबसे आम प्रकार है।
फैटी लिवर वाले हर व्यक्ति को कैंसर नहीं होता है। कैंसर का खतरा आमतौर पर तब अधिक होता है जब बीमारी आगे बढ़कर एडवांस्ड फाइब्रोसिस या सिरोसिस के चरण में पहुंच जाती है। कुछ मामलों में, बिना सिरोसिस के भी लिवर कैंसर हो सकता है।
3. सूजन (इन्फ्लेमेशन) से खतरा कैसे बढ़ता है?
जब फैट जमा होने के कारण लगातार सूजन बनी रहती है और लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है, तो यह स्थिति 'मेटाबोलिक डिस्फंक्शन-एसोसिएटेड स्टीटोहेपेटाइटिस' (MASH) में बदल सकती है। समय के साथ, लगातार नुकसान होने से फाइब्रोसिस और सिरोसिस हो सकता है, जिससे लिवर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
बीमारी को और अधिक गंभीर चरणों में जाने से रोकने के लिए, समय रहते इसका पता लगाना और सही मेडिकल देखभाल लेना बहुत जरूरी है।

4. फाइब्रोसिस, सिरोसिस और कैंसर के बीच क्या संबंध है?
फाइब्रोसिस तब होता है जब लिवर को बार-बार नुकसान पहुंचने के कारण वहां स्कार टिश्यू (निशान वाले ऊतक) बन जाते हैं। अगर ये निशान बहुत ज्यादा फैल जाएं, तो यह स्थिति सिरोसिस में बदल सकती है, जिससे लिवर का सामान्य कामकाज प्रभावित होता है।
जिन लोगों को सिरोसिस होता है, उनमें लिवर कैंसर होने का खतरा काफी अधिक बढ़ जाता है। हालाँकि, जोखिम इस बात पर निर्भर करता है कि इसका मूल कारण क्या है, लिवर को कितना नुकसान पहुँचा है, और व्यक्ति की अन्य स्वास्थ्य स्थितियाँ कैसी हैं।
