Health Tips- बढ़ती उम्र और मसल्स कमजोर, ऐसे रखें इनका ख्याल
दोस्तो जैसे जैसे इंसान की उम्र बढ़ती है, शरीर में बदलाव होते हैं, इनमें से सबसे महत्वपूर्ण है मांसपेशियों की ताकत का धीरे-धीरे कम होना। कई लोग इसे उम्र बढ़ने का एक सामान्य हिस्सा मानते हैं, लेकिन कमजोर मांसपेशियां चलने-फिरने की क्षमता को कम कर सकती हैं, संतुलन पर असर डाल सकती हैं और रोजमर्रा के कामों को मुश्किल बना सकती हैं। आइए जानते हैं मसल्स को कैसे मजबूत बनाएं-

अगर आप मांसपेशियों की सेहत को नज़रअंदाज़ करते हैं तो क्या होता है?
उम्र के साथ मांसपेशियों का द्रव्यमान (मास) और ताकत स्वाभाविक रूप से कम हो जाती है। उम्र से जुड़ी इस स्थिति को 'सार्कोपेनिया' (sarcopenia) कहा जाता है, और यह रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर काफी असर डाल सकती है।
मांसपेशियों की सेहत को नज़रअंदाज़ करने से ये समस्याएं हो सकती हैं:
मांसपेशियों की ताकत और सहनशक्ति में कमी।
चलने, सीढ़ियां चढ़ने या कुर्सी से उठने में कठिनाई।
संतुलन खराब होना और गिरने का ज़्यादा खतरा।
फ्रैक्चर और अन्य चोटों की संभावना बढ़ना।
शारीरिक आत्मनिर्भरता और चलने-फिरने की क्षमता में कमी।
लंबे समय तक निष्क्रिय रहने के कारण ऑस्टियोपोरोसिस का ज़्यादा खतरा।

मांसपेशियों की कमजोरी के सामान्य लक्षण
मांसपेशियों के नुकसान के शुरुआती लक्षणों को पहचानने से आगे होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है। इन लक्षणों पर ध्यान दें:
पहले की तुलना में कमजोरी महसूस होना।
रोज़मर्रा की चीज़ें उठाने में कठिनाई।
सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी।
चलने की गति धीमी होना।
बिना सहारे के कुर्सी से उठने में कठिनाई।
अक्सर संतुलन बिगड़ना या अचानक गिर जाना।
घर के रोज़मर्रा के कामों या दैनिक गतिविधियों को करने में परेशानी होना।
अगर ये लक्षण बने रहते हैं या बिगड़ जाते हैं, तो जांच के लिए किसी हेल्थकेयर प्रोफेशनल से सलाह लें।
अपनी मांसपेशियों को मजबूत कैसे रखें
मांसपेशियों की सेहत बनाए रखने के लिए बहुत ज़्यादा कसरत (इंटेंस वर्कआउट) की ज़रूरत नहीं होती। जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव भी बड़ा फ़र्क ला सकते हैं।
अपनी उम्र और फिटनेस लेवल के हिसाब से स्ट्रेंथ-ट्रेनिंग एक्सरसाइज करें।
शारीरिक रूप से एक्टिव रहें और लंबे समय तक बैठे रहने से बचें।
प्रोटीन से भरपूर डाइट लें जिसमें दालें, पनीर, दूध, दही, अंडे, मछली, सोया उत्पाद और प्रोटीन के अन्य स्वस्थ स्रोत शामिल हों। मांसपेशियों की रिकवरी के लिए भरपूर नींद लें।
विटामिन और मिनरल से भरपूर संतुलित आहार लें।
अगर आपको कोई बीमारी या जोड़ों की समस्या है, तो एक्सरसाइज़ शुरू करने से पहले डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें।
