Health Tips- इन लोगों को नहीं खाना चाहिए पान, जानिए इसकी वजह
दोस्तो प्राचीन काल से ही पान खाना भारतीयों की परपंरा में हैं, कई लोग इसे स्वाद के लिए खाते हैं, जबकि कुछ लोग इसमें सुपारी, तंबाकू, जर्दा या पान मसाला भी मिलाते हैं। हर तरह का पान स्वास्थ्य के लिए एक जैसा नहीं होता। तंबाकू और सुपारी वाला पान गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है। सुपारी का सेवन और तंबाकू वाले उत्पादों का इस्तेमाल मुंह के कैंसर समेत कई स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़ा है, आइए जानते हैं किन लोगो को पान नहीं खाना चाहिए-

1. तंबाकू वाला पान पूरी तरह छोड़ना बेहतर
पान में तंबाकू, जर्दा या किसी अन्य प्रकार का स्मोकलेस तंबाकू मिलाना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
तंबाकू मुंह और गले के कैंसर का जोखिम बढ़ाता है।
निकोटीन की वजह से इसकी लत लग सकती है।
लंबे समय तक इस्तेमाल करने से मुंह और दांतों की सेहत प्रभावित हो सकती है।
जो लोग पहले से किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं, उन्हें पान में भी तंबाकू या जर्दा नहीं मिलाना चाहिए।
2. बिना तंबाकू का सुपारी वाला पान भी सुरक्षित नहीं
अक्सर यह माना जाता है कि अगर पान में तंबाकू नहीं है तो वह पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन सुपारी यानी areca nut को भी स्वास्थ्य के लिए जोखिम वाला पदार्थ माना जाता है।
IARC ने सुपारी को कार्सिनोजेनिक (कैंसर पैदा करने वाला) पदार्थ के रूप में वर्गीकृत किया है। सुपारी चबाने से ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस जैसी स्थिति विकसित हो सकती है, जिसमें मुंह खोलने में परेशानी हो सकती है और मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
इसलिए केवल तंबाकू हटाकर सुपारी वाला पान खाना भी सुरक्षित विकल्प नहीं माना जाता।

3. किन लोगों को पान से पूरी तरह बचना चाहिए?
जिन लोगों को पहले से मुंह से जुड़ी समस्याएं हैं, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर यदि इनमें से कोई लक्षण मौजूद हो:
बार-बार मुंह में छाले होना
मुंह में सफेद या लाल धब्बे दिखाई देना
मसूड़ों से खून आना
मुंह खोलने में परेशानी
मुंह में लगातार दर्द या सूजन
लंबे समय तक घाव का ठीक न होना
ऐसे लक्षणों को केवल पान खाने का सामान्य प्रभाव समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार रहने वाले घाव, दर्द, सूजन या रक्तस्राव की स्थिति में डेंटिस्ट या डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
4. बच्चों और किशोरों को रखें दूर
बच्चों और किशोरों को तंबाकू या सुपारी वाले पान से पूरी तरह दूर रखना चाहिए। कम उम्र में इन पदार्थों का सेवन शुरू होने से आगे चलकर इनके इस्तेमाल की आदत और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं।
5. पान के सभी प्रकार एक जैसे नहीं होते
पान में इस्तेमाल होने वाली हर सामग्री का स्वास्थ्य पर प्रभाव समान नहीं होता। लेकिन अगर इसमें तंबाकू, जर्दा या सुपारी शामिल है, तो इसे सुरक्षित मानना उचित नहीं है।
