Health Tips- हीमोग्लोबिन रिपोर्ट समझ नहीं आ रही हैं, ऐसे करें जांच
दोस्तो आज के दौर में स्वस्थ स्वास्थ्य बनाए रखना बहुत ही मुश्किल हैं, खराब खान पान और जीवनशैली की वजह से कई प्रकार की बीमारियां हो जाती हैं, ऐसे में हीमोग्लोबिन (Hb) रिपोर्ट में दर्ज एक छोटा-सा आंकड़ा आपकी सेहत के बारे में कई महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद एक प्रोटीन है, जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है।
कम हीमोग्लोबिन की स्थिति में थकान, कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, सांस फूलना और थोड़ी मेहनत के बाद जल्दी थक जाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए Hb रिपोर्ट को समझना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

अलग-अलग उम्र और वर्ग में Hb का स्तर
एनीमिया की गंभीरता उम्र, लिंग और गर्भावस्था जैसी स्थितियों के आधार पर अलग-अलग Hb स्तरों से निर्धारित की जाती है।
1. 6 से 59 महीने के बच्चे
10–10.9 g/dL: हल्का एनीमिया
7–9.9 g/dL: मध्यम एनीमिया
7 g/dL से कम: गंभीर एनीमिया
2. 5 से 11 वर्ष के बच्चे
11–11.4 g/dL: हल्का एनीमिया
8–10.9 g/dL: मध्यम एनीमिया
8 g/dL से कम: गंभीर एनीमिया
3. 12 से 14 वर्ष के बच्चे
11–11.9 g/dL: हल्का एनीमिया
8–10.9 g/dL: मध्यम एनीमिया
8 g/dL से कम: गंभीर एनीमिया
4. 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं
11–11.9 g/dL: हल्का एनीमिया
8–10.9 g/dL: मध्यम एनीमिया
8 g/dL से कम: गंभीर एनीमिया
5. गर्भवती महिलाएं

गर्भावस्था के दौरान Hb की सीमा अलग होती है:
10–10.9 g/dL: हल्का एनीमिया
7–9.9 g/dL: मध्यम एनीमिया
7 g/dL से कम: गंभीर एनीमिया
6. 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुष
11–12.9 g/dL: हल्का एनीमिया
8–10.9 g/dL: मध्यम एनीमिया
8 g/dL से कम: गंभीर एनीमिया
कम Hb होने पर क्या करें?
अगर आपकी Hb रिपोर्ट में स्तर कम आता है, तो केवल रिपोर्ट देखकर खुद से दवा या आयरन सप्लीमेंट शुरू करना उचित नहीं है। एनीमिया के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं, जैसे:
आयरन की कमी
विटामिन की कमी
शरीर से अधिक रक्तस्राव
संक्रमण
पोषण की कमी
अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं
इसलिए कम Hb आने पर डॉक्टर से परामर्श लेकर कारण की जांच कराना जरूरी है।
डाइट में इन चीजों को करें शामिल
डॉक्टर की सलाह के अनुसार संतुलित और पोषक आहार लिया जा सकता है। आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, फलियां और अन्य आयरन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करना उपयोगी हो सकता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर आयरन या अन्य सप्लीमेंट लेने की सलाह दे सकते हैं।
