Health Insurance Tips- क्या आपको अस्पताल के बिल कि चिंता सता रही है, तो मात्र ₹1000 महीने के खर्च पर खरीदें 3 साल का मेडिक्लेम
दोस्तो आज के युग में हेल्थ इंश्योरेंस होना बहुत ही जरूरी हैं, क्योंकि अस्पताल के खर्चे बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं और महंगे हो गए है, ऐसे में अब इंश्योरेंस खरीदना आसान हो गया हैं, कुछ इंश्योरेंस कंपनियां ग्राहकों को एकमुश्त बड़ी रकम चुकाने के बजाय, प्रीमियम का भुगतान मासिक या त्रैमासिक किश्तों में करने की सुविधा देती हैं। इससे परिवारों को अपना बजट मैनेज करने में मदद मिलती है।
इसे EMI-आधारित या सब्सक्रिप्शन-स्टाइल पेमेंट मॉडल कहा जाता है। यह सुविधा कुछ खास हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में मिलती है, जिनमें कई सालों (मल्टी-ईयर) वाली पॉलिसी भी शामिल हैं। पेमेंट के विकल्प, अतिरिक्त शुल्क और पॉलिसी की शर्तें अलग-अलग इंश्योरेंस कंपनियों और चुने गए प्लान के हिसाब से अलग-अलग हो सकती हैं।

EMI पर हेल्थ इंश्योरेंस कैसे काम करता है?
पहले, पॉलिसी लेने वाले लोग हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम सालाना चुकाते थे या कई सालों के लिए एकमुश्त बड़ी रकम का भुगतान करते थे। अब किश्तों (इंस्टॉलमेंट) में भुगतान करने के विकल्प से, ग्राहक कुल खर्च को छोटी और आसानी से चुकाने लायक किश्तों में बांट सकते हैं।
उदाहरण के लिए, अगर तीन साल की हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का कुल खर्च ₹36,000 है, तो 36 महीनों के लिए इसका औसत खर्च ₹1,000 प्रति महीना होगा।
हालांकि, यह सिर्फ एक मोटा-मोटा हिसाब है। असल मासिक किश्त, इंश्योरेंस कंपनी के पेमेंट स्ट्रक्चर, लागू होने वाले शुल्क और पॉलिसी की शर्तों के आधार पर अलग हो सकती है। पॉलिसी खरीदने से पहले ग्राहकों को कुल देय राशि (टोटल पेएबल अमाउंट) जरूर चेक कर लेनी चाहिए।
ज्यादा ग्राहक EMI-आधारित हेल्थ इंश्योरेंस क्यों चुन रहे हैं?
पॉलिसीबाजार (Policybazaar) के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 13% ग्राहक अपने हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम का भुगतान मासिक या त्रैमासिक किश्तों में करना पसंद कर रहे हैं। इसमें औसत सालाना प्रीमियम या EMI की रकम लगभग ₹17,500 है।
पेमेंट का यह विकल्प खासकर नौकरीपेशा लोगों, युवाओं और ऐसे परिवारों के लिए काफी अच्छा हो सकता है, जो एक साथ बड़ी रकम चुकाने के बजाय इंश्योरेंस के खर्च को अपने मासिक बजट में बांटना पसंद करते हैं।

क्या तीन साल तक प्रीमियम एक समान रहेगा?
मल्टी-ईयर (कई सालों वाली) हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने का एक बड़ा फायदा यह है कि आपको हर साल पॉलिसी रिन्यू कराए बिना ही लंबे समय तक कवरेज मिल जाता है।
हालांकि, मल्टी-ईयर पॉलिसी में इस बात की कोई पक्की गारंटी नहीं होती कि हर प्रीमियम या किश्त हर हाल में एक जैसी ही रहेगी। प्रीमियम का स्ट्रक्चर, पेमेंट का शेड्यूल और शर्तें पूरी तरह से पॉलिसी डॉक्यूमेंट और इंश्योरेंस कंपनी के नियमों पर निर्भर करती हैं। कोई भी प्लान खरीदने से पहले, ग्राहकों को यह पक्का कर लेना चाहिए कि बताया गया प्रीमियम पूरी पॉलिसी अवधि के लिए तय है या नहीं, और क्या इसमें कोई अतिरिक्त शुल्क या बदलाव लागू हो सकते हैं।
