General Tips- किन देशों में हैं अमेरिका के मिलिट्री बेस, आइए जानें
दोस्तो जैसा कि हम देख ही रहे हैं कि ईरान पर US ने हमला कर दिया है, जिसके बाद से मिडिल ईस्ट में तनाव तेज़ी से बढ़ गया है। ईरान अब पूरे इलाके में US मिलिट्री बेस को टारगेट कर रहा है, जिससे अमेरिकन बेस के बड़े ग्लोबल नेटवर्क पर फिर से ध्यान गया है, ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठते हैं कि किन देशों में अमेरिका के मिलिट्री बेस हैं-
एक ग्लोबल मिलिट्री प्रेजेंस
यूनाइटेड स्टेट्स दुनिया भर के लगभग 80 देशों में 800 से ज़्यादा मिलिट्री बेस चलाता है। ये बेस एक स्ट्रेटेजिक नेटवर्क बनाते हैं जो US को मिडिल ईस्ट, यूरोप और एशिया जैसे खास इलाकों में मज़बूत मिलिट्री प्रेजेंस बनाए रखने में मदद करता है।
ये बेस कहाँ हैं?
कई देश डिफेंस एग्रीमेंट और स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के तहत US मिलिट्री बेस होस्ट करते हैं। बड़े होस्ट देशों में जर्मनी, जापान, साउथ कोरिया, साथ ही मिडिल ईस्ट के कई देश शामिल हैं।
US विदेशों में बेस क्यों बनाता है?
• तेज़ी से जवाब देने की क्षमता: विदेश में सैनिकों, हवाई जहाज़ों और हथियारों को तैनात करने से US संकट, लड़ाई या मानवीय इमरजेंसी के दौरान तेज़ी से जवाब दे पाता है।
• मिलिट्री ऑपरेशन के लिए सपोर्ट: विदेश में बने बेस चल रहे मिलिट्री मिशन और इलाके में स्थिरता लाने वाले ऑपरेशन के लिए लॉजिस्टिक हब देते हैं।
• ग्लोबल रोकथाम: बड़े पैमाने पर मौजूदगी संभावित दुश्मनों के खिलाफ़ एक रोकथाम का काम करती है।
साथी देशों की सुरक्षा
इन बेस का एक और खास मकसद साथी देशों की रक्षा करना है। उदाहरण के लिए, US, NATO गठबंधन के रक्षा कमिटमेंट को सपोर्ट करने के लिए जर्मनी और इटली जैसे देशों में बेस बनाए रखता है।
स्ट्रेटेजिक समुद्री रास्तों की निगरानी
कई बेस ज़रूरी समुद्री व्यापार रास्तों के पास हैं। इसका एक बड़ा उदाहरण बहरीन में US का नेवल बेस है, जो दुनिया के सबसे ज़रूरी एनर्जी कॉरिडोर में से एक, फारस की खाड़ी में शिपिंग लेन की निगरानी और सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है।
