Fungal Infection- मानसून में की गई ये गलतियां बन सकती हैं फंगल इंफेक्शन का कारण, जानिए कैसे
दोस्तो बारिश का मौसम हमें तेज गर्मी से राहत प्रदान करता हैं, लेकिन नमी और उमस की वजह से बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनप सकते हैं। इस दौरान वायरल फ्लू के साथ-साथ त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। खासकर पैर पानी, कीचड़ और गंदगी के सीधे संपर्क में रहते हैं, आइए जानते हैं कौनसी गलतियों कि वजह से फंगल इंफेक्शन फैल सकता हैं-

1. बाहर से आने के बाद पैर न धोना
बारिश के मौसम में सड़क पर पानी और कीचड़ के कारण पैरों पर गंदगी और सूक्ष्मजीव चिपक सकते हैं। घर लौटने के बाद पैरों को साफ पानी से अच्छी तरह धोएं और खासकर उंगलियों के बीच की जगह को अच्छी तरह सुखाएं।
2. पैरों की सफाई को नजरअंदाज करना
मानसून में पैरों की नियमित सफाई बेहद जरूरी है। पैरों और नाखूनों को साफ रखें तथा नाखूनों को समय-समय पर काटते रहें। उंगलियों के बीच नमी जमा रहने से फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
3. गीले जूते-मोजे पहनकर रहना
बारिश में भीगने के बाद गीले जूते या मोजे लंबे समय तक पहने रहना पैरों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। नमी वाले वातावरण में फंगस आसानी से बढ़ सकता है।
4. छोटे दाने या घाव को नजरअंदाज करना
पैरों पर छोटे दाने, खुजली, लालिमा, छाले या मामूली घाव दिखाई देने पर उन्हें नजरअंदाज न करें। मानसून में संक्रमण बढ़ सकता है और छोटी समस्या कभी-कभी गंभीर रूप ले सकती है।

5. पैरों को लंबे समय तक गीला रखना
सिर्फ पैर धोना ही पर्याप्त नहीं है। सफाई के बाद उन्हें अच्छी तरह सुखाना भी जरूरी है। खासकर उंगलियों के बीच नमी न रहने दें।
मानसून में पैरों की देखभाल के आसान उपाय
बाहर से आने के बाद पैर अच्छी तरह धोएं।
उंगलियों के बीच की जगह को सूखा रखें।
गीले मोजे और जूते तुरंत बदलें।
नाखूनों को साफ और छोटा रखें।
फुटवियर को नियमित रूप से सुखाएं।
खुजली, छाले या घाव लंबे समय तक रहें तो विशेषज्ञ से सलाह लें।
