Eye Discharge: क्या आपकी आंखों में सुबह सुबर गंदगी जमा हो जाती हैं, इस बीमारी का हैं खतरा
दोस्तो जब सुबह उठते हैं तो क्या आपकी आंखों के कोनों में सफेद या चिपचिपा पदार्थ जमा होना आम बात है। लेकिन अगर आंखों से निकलने वाला डिस्चार्ज अचानक बढ़ जाए, उसका रंग बदल जाए या इसके साथ लालिमा, दर्द, सूजन, धुंधला दिखाई देना या रोशनी से परेशानी होने लगे, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, आइए जानते हैं किस बीमारी के हैं संकेंत-

आंखों में डिस्चार्ज क्यों जमा होता है?
आंखों का डिस्चार्ज मुख्य रूप से म्यूकस, तेल, मृत त्वचा कोशिकाओं और वातावरण से आए छोटे कणों का मिश्रण होता है। यह आंखों की सतह को नम रखने और धूल-कणों को बाहर निकालने में भी भूमिका निभाता है।
सफेद और पतला डिस्चार्ज क्या बताता है?
अगर आंखों के कोनों में पतला सफेद डिस्चार्ज या हल्की परत दिखाई देती है, तो इसके पीछे आंखों का सूखापन, लंबे समय तक स्क्रीन देखने या पंखे और एयर कंडीशनर से होने वाली जलन जैसे कारण हो सकते हैं।
आंखों को पर्याप्त आराम दें।
स्क्रीन टाइम के दौरान बीच-बीच में ब्रेक लें।
आंखों को रगड़ने से बचें।
जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है।
अगर समस्या लगातार बनी रहे या नजर धुंधली होने लगे, तो आंखों की जांच करानी चाहिए।
पानी आने के साथ चिपचिपा डिस्चार्ज
अगर आंखों से लगातार पानी आता है और हल्का चिपचिपा पदार्थ भी निकलता है, तो एलर्जी या वायरल कंजंक्टिवाइटिस जैसी समस्या हो सकती है।
एलर्जी में अक्सर आंखों में तेज खुजली होती है।
वायरल संक्रमण में लालिमा और आंखों में कुछ पड़ा होने जैसा महसूस हो सकता है।
ठंडी पट्टी और प्रिजर्वेटिव-फ्री आर्टिफिशियल टियर्स कुछ मामलों में राहत दे सकते हैं।
पीला डिस्चार्ज हो तो सावधान
सुबह उठने पर अगर पलकों पर गाढ़ा पीला डिस्चार्ज जमा हो और आंखें खोलने में परेशानी हो, तो यह बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस का संकेत हो सकता है। इसके साथ आंखों में लालिमा और दर्द भी हो सकता है।
ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर एंटीबायोटिक आई ड्रॉप या ऑइंटमेंट की सलाह दे सकते हैं। बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक आई ड्रॉप इस्तेमाल न करें।
हरे रंग का डिस्चार्ज गंभीर संकेत हो सकता है
हरा और गाढ़ा डिस्चार्ज बैक्टीरियल संक्रमण की ओर संकेत कर सकता है। अगर आंख साफ करने के कुछ समय बाद ही डिस्चार्ज दोबारा जमा हो जाए, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
खासकर कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले लोगों को ऐसे लक्षणों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। लेंस तुरंत निकालकर चश्मे का इस्तेमाल करें और जल्द से जल्द आंखों की जांच कराएं।

दर्द और रोशनी से परेशानी हो तो तुरंत ध्यान दें
तेज आंख दर्द
बहुत अधिक लालिमा
रोशनी सहन न होना
धुंधला दिखाई देना
आंखों में अधिक सूजन
लगातार या तेजी से बढ़ता डिस्चार्ज
कुछ कॉर्नियल समस्याओं में भी दर्द और रोशनी से संवेदनशीलता जैसे लक्षण हो सकते हैं। इसलिए ऐसी स्थिति को केवल सामान्य आंखों के मैल के रूप में नहीं लेना चाहिए।
घर पर आंखों को कैसे साफ करें?
सबसे पहले हाथों को अच्छी तरह धोएं।
साफ कपड़े को गुनगुने पानी में भिगोकर जमा हुई परत को धीरे से नरम करें।
आंख को अंदरूनी कोने से बाहरी कोने की ओर धीरे-धीरे साफ करें।
दोनों आंखों के लिए अलग कपड़ा या कॉटन पैड इस्तेमाल करें।
5–10 मिनट की गर्म सिकाई दिन में 2–3 बार की जा सकती है।
आंखों को रगड़ने से बचें।
धूल, धुएं और एलर्जी पैदा करने वाली चीजों से दूरी रखें।
डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए?
अगर चिपचिपा डिस्चार्ज 24–48 घंटे से ज्यादा बना रहे या बार-बार वापस आए, तो आंखों की जांच कराना उचित है। खासतौर पर पीला या हरा डिस्चार्ज, आंखों का चिपकना, सूजन, दर्द, धुंधला दिखाई देना या तेज रोशनी से परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
