Child Care Tips- बच्चे को बीमारियों से बचाने के लिए, शुरु के 2 साल तक न दे चीनी

 
Child Care Tips: To protect your child from illnesses, do not give them sugar for the first two years.

दोस्तो दुनिया के हर माता पिता सोचते हैं कि उसको क्या खिलाएं और किन चीजों से दूर रखें। खासकर नई मांओं के बीच यह सवाल आम है कि बच्चे को चीनी या मीठी चीजें कब से देना शुरू करना चाहिए। कई घरों में जन्म के कुछ समय बाद ही दूध या अन्य चीजों में चीनी मिलाने की आदत होती है। जीवन के शुरुआती करीब 1,000 दिनों में चीनी का सेवन कम रखने से आगे चलकर स्वास्थ्य को कई फायदे मिल सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसा करने के फायदों के बारे में-

Child Care Tips: To protect your child from illnesses, do not give them sugar for the first two years.

क्या कहती है रिसर्च?

वहां सितंबर 1953 तक चीनी की राशनिंग लागू थी, जिसके कारण लोगों का चीनी सेवन सीमित था। राशनिंग खत्म होने के बाद चीनी की खपत लगभग दोगुनी हो गई।

शोध में करीब 64,000 वयस्कों के स्वास्थ्य आंकड़ों की तुलना की गई। इनमें वे लोग शामिल थे जिनका जन्म चीनी राशनिंग खत्म होने से ठीक पहले या उसके तुरंत बाद हुआ था।

शोधकर्ताओं ने पाया कि शुरुआती जीवन में चीनी के सेवन में अंतर का बाद के स्वास्थ्य पर असर देखा जा सकता है। अध्ययन से यह संकेत मिला कि शुरुआती 1,000 दिनों में कम चीनी का सेवन भविष्य में टाइप-2 डायबिटीज और कुछ अन्य मेटाबॉलिक बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।

क्या चीनी छोड़ने से कैंसर का खतरा भी कम होता है?

यह दावा थोड़ा सावधानी से समझने की जरूरत है। रिसर्च में शुरुआती जीवन में कम चीनी सेवन और बाद के जीवन में कैंसर सहित कुछ स्वास्थ्य परिणामों के बीच संबंध के संकेत मिले हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि चीनी खाने से सीधे कैंसर होता है या चीनी पूरी तरह छोड़ने से कैंसर से बचाव की गारंटी मिल जाती है।

Child Care Tips: To protect your child from illnesses, do not give them sugar for the first two years.

ज्यादा चीनी से क्या नुकसान हो सकता है?

टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को बढ़ा सकता है।

मोटापे की समस्या को बढ़ावा दे सकता है।

शरीर में इंसुलिन के प्रभाव को प्रभावित कर सकता है।

लंबे समय तक अधिक कैलोरी लेने की आदत डाल सकता है।

अस्वास्थ्यकर खान-पान की आदत को मजबूत कर सकता है।

मेटाबॉलिक बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है।

बच्चों को क्या खिलाना चाहिए?

बच्चों के आहार में मीठी चीजों की जगह पौष्टिक और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देना बेहतर है। उम्र के अनुसार डॉक्टर की सलाह से आहार में शामिल किए जा सकते हैं:

फल और सब्जियां

दाल और अन्य प्रोटीन स्रोत

साबुत अनाज

दूध और उपयुक्त डेयरी उत्पाद

पर्याप्त प्रोटीन

पौष्टिक और घर का बना भोजन

बच्चों में कम उम्र से ही संतुलित आहार की आदत डालना लंबे समय में काफी फायदेमंद हो सकता है।