Body Flexibility Tips- क्या ब़ॉडी को फ्लेक्सिबल बनाना चाहते हैं, तो करें योगासन

 
Body Flexibility Tips- क्या ब़ॉडी को फ्लेक्सिबल बनाना चाहते हैं, तो करें योगासन

दोस्तो आज हम सबका जीवन भागदौड़ और कामकाज में इतना व्यस्त हो गया है कि हम अपनी खान पान और जीवनशैली पर ध्यान नहीं दे पाते हैं, हमारी खराब आदतें, लंबे समय तक बैठे रहना, और रेगुलर एक्सरसाइज़ की कमी से अक्सर शरीर में अकड़न और फ्लेक्सिबिलिटी में कमी आ जाती है। इससे आगे चलकर पीठ दर्द, जोड़ों की समस्या और मांसपेशियों में परेशानी हो सकती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कुछ योगासन करके अपने शरीर को फ्लेक्सिबल बना सकते हैं- 

1. बालासन (चाइल्ड पोज़)

फायदे:

बालासन पीठ, कूल्हों और जांघों को स्ट्रेच करने में मदद करता है, साथ ही तनाव और थकान को कम करता है। यह फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने और मन को शांत करने के लिए एक बेहतरीन पोज़ है।

कैसे करें:

अपने घुटनों के बल बैठें और अपने कूल्हों को एड़ियों पर टिकाएं।

धीरे-धीरे आगे झुकें और अपने माथे को ज़मीन पर रखें।

अपने हाथों को आगे की ओर फैलाएं या उन्हें अपने शरीर के बगल में रखें।

गहरी सांस लें और कुछ मिनटों तक इस पोज़ में रहें।

2. भुजंगासन (कोबरा पोज़)

फायदे:

यह पोज़ रीढ़ की हड्डी को मज़बूत करता है, छाती को खोलता है, और पीठ में फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाता है। यह खासकर रीढ़ और पीठ की समस्याओं के लिए फायदेमंद है।

कैसे करें:

पेट के बल सीधे लेट जाएं और पैरों को थोड़ा अलग रखें।

अपनी हथेलियों को फर्श पर अपनी छाती के पास रखें।

गहरी सांस लें और धीरे-धीरे अपनी छाती और नाभि को ऊपर उठाएं।

ऊपर आसमान की ओर देखें और सामान्य रूप से सांस लेते हुए इस स्थिति में रहें।

शुरुआती स्थिति में वापस आएं और 3-4 बार दोहराएं।

3. मार्जरी आसन (कैट-काउ पोज़)

फायदे:

यह पोज़ रीढ़ की हड्डी की फ्लेक्सिबिलिटी को बेहतर बनाने और पीठ और गर्दन की अकड़न को दूर करने में मदद करता है।

कैसे करें:

अपने हाथों और घुटनों के बल आ जाएं।

सांस छोड़ते हुए अपनी पीठ को बिल्ली की तरह ऊपर की ओर मोड़ें।

फिर सांस लेते हुए अपने पेट को नीचे करें और सिर को ऊपर उठाएं।

धीरे-धीरे कई बार दोहराएं।

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