भारत में कौन कर सकता है स्पर्म डोनेट? जान लें मेडिकल रूल्स
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स्पर्म डोनेशन एक ऐसा मुद्दा है जिसे लेकर भारत में आज भी इतनी जागरूकता नहीं है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या हर व्यक्ति स्पर्म डोनेट कर सकता है?, क्या स्पर्म डोनेट करने के लिए उम्र निर्धारित है? इस आर्टिकल में हम आपको यही जानकारी देने जा रहे हैं।
आपको बता दें कि जिस तरह ब्लड बैंकों में अलग-अलग ब्लड ग्रुप वाले ब्लड को इक्क्ठा किया जाता है। उसी तरह फर्टिलिटी क्लीनिक में भी अंडाणु और शुक्राणु बैंक होते हैं। यहां पर स्पर्म डोनेट करने वाले व्यक्तियों की पहचान को सीक्रेट रखा जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार हर स्वस्थ व्यक्ति स्पर्म डोनेट कर सकता है। स्पर्म डोनेशन के लिए कुछ मानदंड बनाए गए हैं।
स्पर्म डोनेट करने के मापदंड क्या है?
सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी विधेयक, 2021 के अनुसार भारत में पुरुष 18 से 39 वर्ष तक स्पर्म डोनेट कर सकते हैं। कुछ स्पर्म डोनेशन बैंक में स्पर्म डोनेशन की उम्र 34 वर्ष तक है। भारत में एक व्यक्ति केवल एक ही बार स्पर्म डोनेट कर सकता है। यदि कोई व्यक्ति को अलग अलग जोड़ों को कई बार स्पर्म डोनेट करता है, तो यह जानने का कोई तरीका नहीं होगा कि कौन से बच्चे एक ही शुक्राणु या अंडे से पैदा हुए थे। इससे जैविक भाई-बहनों के जीवन में बाद में यौन संबंध बनाने का जोखिम बढ़ जाता है क्योंकि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं होती कि वे एक ही शुक्राणु या अंडे से पैदा हुए हैं।
स्पर्म डोनर को क्या जानकारी देनी होती है?
स्पर्म डोनेशन के लिए व्यक्ति को फैमिली हिस्ट्री, पारिवारिक बीमारियों की भी जानकारी देनी होती है। स्पर्म डोनेशन से पहले ब्लड टेस्ट, एचआईवी टेस्ट भी करवाने होते हैं।
सेक्सुअल हिस्ट्री भी है जरूर
स्पर्म डोनेट करने वाले को अपनी सेक्सुअल हिस्ट्री भी बताना पड़ती है। स्पर्म डोनेट करने वाले व्यक्ति को शराब, सिगरेट और किसी विशेष प्रकार की दवा का सेवन करने की आदत है या नहीं इसकी जानकारी भी देनी जरूरी है।
