Entertainment News- नहीं रहे बॉलीवुड स्टार मुश्ताक खान, इंडस्ट्री ने खोया सच्चा कलाकार
"मेरी एक टांग नकली है, मैं हॉकी का बहुत बड़ा खिलाड़ी था।"
आपको ये डॉयलॉग सुनकर किसकी याद आती हैं, जी हॉ हम बात कर रहे हैं मशहूर एक्टर मुश्ताक खान की जो अब हमारे बीच में नहीं रहे, वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे और उनकी बीमारी अंतिम चरण में पहुंच गई थी। गुरुवार शाम करीब 7 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके निधन की खबर से बॉलीवुड समेत पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने मुश्ताक खान को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें एक बेहतरीन कलाकार, नेकदिल इंसान और अपने परिवार से बेहद प्यार करने वाला व्यक्ति बताया।

AICWA ने मुश्ताक खान को दी श्रद्धांजलि
ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट के जरिए मुश्ताक खान के निधन पर दुख जताया। संगठन ने कहा कि भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसने अपने लंबे करियर के दौरान अपनी खास अभिनय शैली और हास्य से दर्शकों के दिलों में जगह बनाई।
एसोसिएशन के मुताबिक, मुश्ताक खान ने सैकड़ों फिल्मों में काम किया और यह साबित किया कि एक सहायक अभिनेता भी अपने किरदार से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ सकता है।
इन फिल्मों में किया यादगार काम
मुश्ताक खान ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई चर्चित फिल्मों में अभिनय किया। उनके यादगार काम में शामिल हैं:
Welcome
Gadar: Ek Prem Katha
Jodi No. 1
Aashiqui
Sadak
Dil Hai Ke Manta Nahin
Hum Hain Rahi Pyar Ke
इन फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदारों को दर्शकों ने खूब पसंद किया।

'Welcome' का डायलॉग आज भी है मशहूर
मुश्ताक खान का फिल्म 'Welcome' में बोला गया डायलॉग काफी लोकप्रिय हुआ था—
"मेरी एक टांग नकली है, मैं हॉकी का बहुत बड़ा खिलाड़ी था।"
यह संवाद हिंदी सिनेमा के यादगार कॉमिक डायलॉग्स में गिना जाता है। उनके अभिनय और कॉमिक टाइमिंग ने इस छोटे से संवाद को भी दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई।
सिर्फ कलाकार नहीं, नेकदिल इंसान भी थे मुश्ताक खान
AICWA ने अपने श्रद्धांजलि संदेश में उनके व्यवहार और व्यक्तित्व को भी याद किया। संगठन के अनुसार, उनके साथ काम करने वाले लोग जानते थे कि मुश्ताक खान का व्यक्तित्व उनकी प्रतिभा जितना ही बड़ा था।
बताया गया कि वह फिल्म सेट पर कलाकारों से लेकर स्पॉट बॉय तक सभी के साथ गर्मजोशी और सम्मान से पेश आते थे। यही वजह थी कि फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें सिर्फ एक सह-कलाकार के तौर पर नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह सम्मान मिलता था।
