Ayushman Bharat Yojana-आयुष्मान भारत योजना में बढ़ा इलाज का दायरा, अब हार्ट-लिवर और लंग्स ट्रांसप्लांट

 
Ayushman Bharat Yojana-आयुष्मान भारत योजना में बढ़ा इलाज का दायरा, अब हार्ट-लिवर और लंग्स ट्रांसप्लांट दोस्तो भारतीय सरकार अपने देश के आर्थिक रूप से कमजोर लोगो के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाती हैं, जिनका उद्देश्य इन लोगो की मदद करना हैं, ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार 'आयुष्मान भारत निरामयम' योजना का बड़े पैमाने पर विस्तार करने पर विचार कर रही है, ताकि दिल, लिवर और फेफड़ों के महंगे ट्रांसप्लांट (प्रत्यारोपण) के लिए आर्थिक सहायता दी जा सके। इस प्रस्ताव में सालाना इलाज की कवरेज सीमा को मौजूदा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करना भी शामिल है। आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स प्रस्ताव की मुख्य बातें तीन बड़े ट्रांसप्लांट: पहली बार इस योजना में दिल, लिवर और फेफड़ों के ट्रांसप्लांट को शामिल किया जा सकता है। ज्यादा कवरेज: सरकार सालाना इलाज की सीमा को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने पर विचार कर रही है। विशेषज्ञ समिति: एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञों सहित डॉक्टरों और मेडिकल विशेषज्ञों की एक समिति इलाज के खर्च का आकलन कर रही है और पैकेज की दरें तैयार कर रही है। पूरा खर्च: प्रस्तावित पैकेज में सर्जरी, मेडिकल टेस्ट, आईसीयू (ICU) का खर्च, दवाइयां और ट्रांसप्लांट के बाद की देखभाल शामिल हो सकती है। ऑर्गन ट्रांसप्लांट का खर्च बहुत ज्यादा है ऑर्गन ट्रांसप्लांट (अंग प्रत्यारोपण) परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डाल सकते हैं। निजी अस्पतालों में किडनी ट्रांसप्लांट का खर्च 15 से 20 लाख रुपये, जबकि लिवर ट्रांसप्लांट का खर्च 30 से 35 लाख रुपये तक हो सकता है। हार्ट ट्रांसप्लांट में 40 से 50 लाख रुपये और लंग (फेफड़े) ट्रांसप्लांट में 60 से 70 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है। सरकार ऑर्गन डोनेशन (अंग दान) को मजबूत करने की योजना बना रही है राज्य सरकार ऑर्गन डोनेशन और ट्रांसप्लांट से जुड़े बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर भी काम कर रही है। एम्स भोपाल, सरकारी मेडिकल कॉलेजों के स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण देगा। इस प्रशिक्षण में 'ब्रेन-डेथ' का प्रमाणन, संभावित डोनर की पहचान, परिवारों की काउंसलिंग, अंगों को सुरक्षित रखना और अंगों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए 'ग्रीन कॉरिडोर' का समन्वय करना शामिल होगा।

दोस्तो भारतीय सरकार अपने देश के आर्थिक रूप से कमजोर लोगो के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाती हैं, जिनका उद्देश्य इन लोगो की मदद करना हैं, ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार 'आयुष्मान भारत निरामयम' योजना का बड़े पैमाने पर विस्तार करने पर विचार कर रही है, ताकि दिल, लिवर और फेफड़ों के महंगे ट्रांसप्लांट (प्रत्यारोपण) के लिए आर्थिक सहायता दी जा सके। इस प्रस्ताव में सालाना इलाज की कवरेज सीमा को मौजूदा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करना भी शामिल है। आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स

Scope of treatment expanded under Ayushman Bharat Yojana; now includes heart, liver, and lung transplants.

प्रस्ताव की मुख्य बातें

तीन बड़े ट्रांसप्लांट: पहली बार इस योजना में दिल, लिवर और फेफड़ों के ट्रांसप्लांट को शामिल किया जा सकता है।

ज्यादा कवरेज: सरकार सालाना इलाज की सीमा को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने पर विचार कर रही है।

विशेषज्ञ समिति: एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञों सहित डॉक्टरों और मेडिकल विशेषज्ञों की एक समिति इलाज के खर्च का आकलन कर रही है और पैकेज की दरें तैयार कर रही है।

पूरा खर्च: प्रस्तावित पैकेज में सर्जरी, मेडिकल टेस्ट, आईसीयू (ICU) का खर्च, दवाइयां और ट्रांसप्लांट के बाद की देखभाल शामिल हो सकती है।

ऑर्गन ट्रांसप्लांट का खर्च बहुत ज्यादा है

ऑर्गन ट्रांसप्लांट (अंग प्रत्यारोपण) परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डाल सकते हैं। निजी अस्पतालों में किडनी ट्रांसप्लांट का खर्च 15 से 20 लाख रुपये, जबकि लिवर ट्रांसप्लांट का खर्च 30 से 35 लाख रुपये तक हो सकता है। हार्ट ट्रांसप्लांट में 40 से 50 लाख रुपये और लंग (फेफड़े) ट्रांसप्लांट में 60 से 70 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है।

Scope of treatment expanded under Ayushman Bharat Yojana; now includes heart, liver, and lung transplants.

सरकार ऑर्गन डोनेशन (अंग दान) को मजबूत करने की योजना बना रही है

राज्य सरकार ऑर्गन डोनेशन और ट्रांसप्लांट से जुड़े बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर भी काम कर रही है। एम्स भोपाल, सरकारी मेडिकल कॉलेजों के स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण देगा। इस प्रशिक्षण में 'ब्रेन-डेथ' का प्रमाणन, संभावित डोनर की पहचान, परिवारों की काउंसलिंग, अंगों को सुरक्षित रखना और अंगों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए 'ग्रीन कॉरिडोर' का समन्वय करना शामिल होगा।