Ration Card Update- देश के 2 करोड़ परिवारों को मिलेगी चीनी, आटा-सूजी आधी कीमत पर, जानिए पूरी डिटेल्स
दोस्तो देश में महंगाई दिन प्रतिदिन आसमान छू रही है, इसी बीच सरकार ने आम लोगों के लिए राहत की खबर दी हैं, जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से परेशान परिवारों को राहत देने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार करीब 2 करोड़ परिवारों को चीनी, आटा और सूजी पर 50% सब्सिडी देने जा रही है। इन वस्तुओं का वितरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के जरिए किया जाएगा।

अक्टूबर में सस्ते दाम पर मिलेंगी जरूरी चीजें
सरकार का लक्ष्य है कि दुर्गा पूजा से पहले पात्र परिवारों तक ये खाद्य सामग्री पहुंचा दी जाए।
अक्टूबर में पात्र परिवारों को:
1 किलो चीनी – ₹30
1 किलो आटा – ₹19
500 ग्राम सूजी – 50% सब्सिडी पर
उपलब्ध कराई जाएगी। चीनी और आटे की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि सूजी की खरीद की प्रक्रिया अभी जारी है। सूजी किस कीमत पर उपलब्ध कराई जाएगी, इसकी जानकारी बाद में दी जाएगी।
2 करोड़ परिवारों को मिलेगा फायदा
इस योजना का दायरा पहले की तुलना में काफी बढ़ाया गया है। पहले करीब 50 लाख परिवारों को 20% सब्सिडी पर 1 किलो चीनी उपलब्ध कराई जाती थी। अब सरकार ने लाभार्थियों की संख्या बढ़ाकर करीब 2 करोड़ परिवार कर दी है और आटे तथा सूजी को भी योजना में शामिल किया है।
इससे बड़ी संख्या में राशन कार्ड धारक परिवारों को त्योहार के दौरान जरूरी खाद्य सामग्री कम कीमत पर मिल सकेगी।

योजना के लिए ₹150 करोड़ का बजट
सरकार ने इस योजना को लागू करने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को ₹150 करोड़ आवंटित किए हैं। सरकार का कहना है कि यह पिछली राशन सब्सिडी योजना की तुलना में बड़ा कदम है।
त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग को देखते हुए इस योजना से परिवारों के घरेलू बजट पर कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार का कदम
पिछले कुछ समय से खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। खास तौर पर चीनी के दाम में तेज वृद्धि हुई है। हाल की कुछ हफ्तों में चीनी की कीमतों में 30% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
महंगाई पर नियंत्रण के लिए सरकार ने बाजार की निगरानी बढ़ाई है और जमाखोरी तथा कालाबाजारी के खिलाफ निरीक्षण तेज किए हैं। केंद्र सरकार ने भी चीनी कारोबारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा को सख्त किया है, ताकि जमाखोरी पर रोक लगाई जा सके।
