Railway Rules- इन हालतों में फाइल हो सकता हैं आपका TDR, जानिए नियमों के बारें में

 
Railway Rules- इन हालतों में फाइल हो सकता हैं आपका TDR, जानिए नियमों के बारें में दोस्तो भारतीय रेलवे विभाग दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क में से एक हैं, जिससे प्रतिदिन करोड़ो लोग यात्रा करते हैं, लेकिन कई बार सफर करते समय कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है जब ट्रेन छूट जाती है, ट्रेन कई घंटे लेट हो जाती है या अचानक यात्रा रद्द करनी पड़ती है। खासकर जब रिजर्वेशन चार्ट तैयार हो चुका हो, तब सामान्य तरीके से टिकट कैंसिल करके रिफंड लेना संभव नहीं होता। ऐसे में IRCTC की TDR (Ticket Deposit Receipt) सुविधा काम आती है। आइए जानते हैं इसका नियम-  1. ट्रेन 3 घंटे या उससे ज्यादा लेट हो तो अगर आपकी ट्रेन 3 घंटे या उससे अधिक देरी से चल रही है और इस वजह से आपने यात्रा नहीं करने का फैसला किया है, तो TDR फाइल किया जा सकता है। TDR ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान से पहले फाइल करना जरूरी होता है। पात्रता पूरी होने पर टिकट के किराये का पूरा रिफंड मिल सकता है। केवल ट्रेन लेट होने की स्थिति में यात्रा करने के बाद TDR फाइल करने के नियम अलग हो सकते हैं। 2. ट्रेन छूट जाने पर क्या TDR से Refund मिलेगा? अगर आप ट्रेन पकड़ने से चूक गए हैं, तो केवल ट्रेन छूट जाने के आधार पर TDR फाइल करने से रिफंड मिलना तय नहीं है। खासकर चार्ट तैयार होने के बाद ट्रेन मिस होने की स्थिति में सामान्यतः सिर्फ "ट्रेन छूट गई" कारण बताकर रिफंड का दावा स्वीकार नहीं किया जाता। इसलिए TDR फाइल करने से पहले रेलवे के लागू नियम और निर्धारित समय-सीमा जरूर जांच लें। 3. AC खराब होने पर TDR का विकल्प अगर आपके पास AC कोच का कन्फर्म टिकट है, लेकिन यात्रा के दौरान कोच का AC काम नहीं कर रहा है, तो निर्धारित रेलवे नियमों के तहत TDR फाइल किया जा सकता है। ऐसे मामलों में रेलवे की जांच और नियमों के आधार पर रिफंड निर्धारित किया जाता है। 4. बुक की गई क्लास से Lower Class में यात्रा कराने पर अगर आपने किसी ऊंची श्रेणी का टिकट बुक किया था, लेकिन रेलवे ने आपको उससे Lower Class में यात्रा कराई, तो किराये के अंतर की वापसी के लिए TDR का विकल्प उपलब्ध हो सकता है। यानी आपने जिस क्लास के लिए भुगतान किया और जिस क्लास में यात्रा की, उनके किराये में अंतर होने पर नियमों के अनुसार रिफंड का दावा किया जा सकता है। 5. कुछ यात्रियों की सीट Confirm और कुछ की Waitlist हो तो अगर एक ही PNR में परिवार या ग्रुप के कुछ यात्रियों के टिकट कन्फर्म हैं और कुछ यात्री वेटिंग लिस्ट में हैं, तो यात्रा न करने की स्थिति में TDR का विकल्प कुछ परिस्थितियों में उपलब्ध हो सकता है। हालांकि, ऐसे मामलों में भी रिफंड रेलवे के निर्धारित नियमों और TDR फाइल करने की समय-सीमा के आधार पर तय होता है। 6. TDR कैसे File करें? ऑनलाइन TDR फाइल करने के लिए IRCTC की वेबसाइट या ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है। सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है: अपने IRCTC अकाउंट में लॉगिन करें। My Transactions सेक्शन में जाएं। संबंधित टिकट/बुकिंग को चुनें। File TDR विकल्प पर जाएं। अपनी स्थिति के अनुसार उचित TDR Reason चुनें। मांगी गई जानकारी भरकर क्लेम सबमिट करें। इसके बाद रेलवे आपके दावे की जांच करेगा।

दोस्तो भारतीय रेलवे विभाग दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क में से एक हैं, जिससे प्रतिदिन करोड़ो लोग यात्रा करते हैं, लेकिन कई बार सफर करते समय कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है जब ट्रेन छूट जाती है, ट्रेन कई घंटे लेट हो जाती है या अचानक यात्रा रद्द करनी पड़ती है। खासकर जब रिजर्वेशन चार्ट तैयार हो चुका हो, तब सामान्य तरीके से टिकट कैंसिल करके रिफंड लेना संभव नहीं होता। ऐसे में IRCTC की TDR (Ticket Deposit Receipt) सुविधा काम आती है। आइए जानते हैं इसका नियम-

Railway Rules: Here’s when you can file a TDR—know the rules.

1. ट्रेन 3 घंटे या उससे ज्यादा लेट हो तो

अगर आपकी ट्रेन 3 घंटे या उससे अधिक देरी से चल रही है और इस वजह से आपने यात्रा नहीं करने का फैसला किया है, तो TDR फाइल किया जा सकता है।

TDR ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान से पहले फाइल करना जरूरी होता है।

पात्रता पूरी होने पर टिकट के किराये का पूरा रिफंड मिल सकता है।

केवल ट्रेन लेट होने की स्थिति में यात्रा करने के बाद TDR फाइल करने के नियम अलग हो सकते हैं।

2. ट्रेन छूट जाने पर क्या TDR से Refund मिलेगा?

अगर आप ट्रेन पकड़ने से चूक गए हैं, तो केवल ट्रेन छूट जाने के आधार पर TDR फाइल करने से रिफंड मिलना तय नहीं है।

खासकर चार्ट तैयार होने के बाद ट्रेन मिस होने की स्थिति में सामान्यतः सिर्फ "ट्रेन छूट गई" कारण बताकर रिफंड का दावा स्वीकार नहीं किया जाता।

इसलिए TDR फाइल करने से पहले रेलवे के लागू नियम और निर्धारित समय-सीमा जरूर जांच लें।

3. AC खराब होने पर TDR का विकल्प

अगर आपके पास AC कोच का कन्फर्म टिकट है, लेकिन यात्रा के दौरान कोच का AC काम नहीं कर रहा है, तो निर्धारित रेलवे नियमों के तहत TDR फाइल किया जा सकता है।

ऐसे मामलों में रेलवे की जांच और नियमों के आधार पर रिफंड निर्धारित किया जाता है।

Railway Rules: Here’s when you can file a TDR—know the rules.

4. बुक की गई क्लास से Lower Class में यात्रा कराने पर

अगर आपने किसी ऊंची श्रेणी का टिकट बुक किया था, लेकिन रेलवे ने आपको उससे Lower Class में यात्रा कराई, तो किराये के अंतर की वापसी के लिए TDR का विकल्प उपलब्ध हो सकता है।

यानी आपने जिस क्लास के लिए भुगतान किया और जिस क्लास में यात्रा की, उनके किराये में अंतर होने पर नियमों के अनुसार रिफंड का दावा किया जा सकता है।

5. कुछ यात्रियों की सीट Confirm और कुछ की Waitlist हो तो

अगर एक ही PNR में परिवार या ग्रुप के कुछ यात्रियों के टिकट कन्फर्म हैं और कुछ यात्री वेटिंग लिस्ट में हैं, तो यात्रा न करने की स्थिति में TDR का विकल्प कुछ परिस्थितियों में उपलब्ध हो सकता है।

हालांकि, ऐसे मामलों में भी रिफंड रेलवे के निर्धारित नियमों और TDR फाइल करने की समय-सीमा के आधार पर तय होता है।

6. TDR कैसे File करें?

ऑनलाइन TDR फाइल करने के लिए IRCTC की वेबसाइट या ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है।

सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:

अपने IRCTC अकाउंट में लॉगिन करें।

My Transactions सेक्शन में जाएं।

संबंधित टिकट/बुकिंग को चुनें।

File TDR विकल्प पर जाएं।

अपनी स्थिति के अनुसार उचित TDR Reason चुनें।

मांगी गई जानकारी भरकर क्लेम सबमिट करें।

इसके बाद रेलवे आपके दावे की जांच करेगा।