Power Bank- क्या फ्लाइट में पावर बैंक ले जा रहे हैं, तो जान लें ये नियम
दोस्तो अगर हम बात करें हाल ही तो दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की एक फ़्लाइट को हैदराबाद की ओर मोड़ दिया गया, क्योंकि विमान के अंदर धुआं देखा गया था। फ़्लाइट 6E 6115 में एक यात्री के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से धुआं निकल रहा था। हालांकि, इंडिगो ने इस बात की पुष्टि नहीं की कि वह डिवाइस पावर बैंक था या नहीं।
इस घटना ने हवाई यात्रा के दौरान पावर बैंक और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाने की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। हालांकि पावर बैंक का इस्तेमाल आमतौर पर स्मार्टफोन और अन्य गैजेट्स को चार्ज करने के लिए किया जाता है, आइए जानते हैं फ्लाइट में पावर बैंक ले जाने के नियमों के बारे में

पावर बैंक की बैटरी में आग क्यों लग सकती है?
पावर बैंक में आमतौर पर लिथियम-आयन या लिथियम-पॉलिमर बैटरी होती हैं। अगर बैटरी खराब हो जाती है, उसमें शॉर्ट सर्किट हो जाता है या वह ज़्यादा गर्म हो जाती है, तो उसमें 'थर्मल रनअवे' (thermal runaway) नाम की खतरनाक प्रक्रिया हो सकती है।
इस प्रक्रिया के दौरान, बैटरी का तापमान तेज़ी से बढ़ सकता है, जिससे धुआं निकल सकता है, आग लग सकती है और खतरनाक गैसें निकल सकती हैं। यही कारण है कि एयरलाइंस फ़्लाइट के दौरान पावर बैंक ले जाने और उनके इस्तेमाल पर खास पाबंदियां लगाती हैं।
हवाई यात्रियों के लिए पावर बैंक से जुड़े ज़रूरी सुरक्षा नियम
1. पावर बैंक हमेशा केबिन बैगेज में रखें
पावर बैंक को आमतौर पर चेक-इन लगेज के बजाय केबिन बैगेज में ले जाना चाहिए क्योंकि बैटरी से जुड़ी किसी भी घटना का पता चलने और उसे संभालने का काम पैसेंजर केबिन के अंदर ज़्यादा तेज़ी से किया जा सकता है।
- एयरलाइन के नियमों के अनुसार, अपने पावर बैंक को अपने हैंड बैगेज में रखें।
- अगर आपके केबिन बैग को विमान के कार्गो होल्ड में रखने के लिए ले जाया जा रहा है, तो उसे सौंपने से पहले पावर बैंक निकाल लें।
- फ़्लाइट के दौरान डिवाइस को कहां रखना है, इस बारे में एयरलाइन के निर्देशों का पालन करें।
यात्रियों को यात्रा करने से पहले अपनी एयरलाइन की लेटेस्ट बैगेज पॉलिसी देख लेनी चाहिए, क्योंकि सामान रखने के नियम अलग-अलग हो सकते हैं।

2. फ़्लाइट के दौरान पावर बैंक का इस्तेमाल करने से बचें
यात्रियों को फ़्लाइट में पावर बैंक के इस्तेमाल से जुड़े एयरलाइन के नियमों का ध्यानपूर्वक पालन करना चाहिए। इंडिगो ने फ़्लाइट के दौरान पावर बैंक के इस्तेमाल पर पाबंदियां लगाई हैं, इसलिए यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले इसकी लेटेस्ट पॉलिसी देख लेनी चाहिए। जिन जगहों पर पावर बैंक का इस्तेमाल मना है, वहाँ अपने फ़ोन, टैबलेट या किसी दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को चार्ज करने के लिए इसका इस्तेमाल न करें।
3. कभी भी खराब या फूले हुए पावर बैंक को साथ न ले जाएँ
खराब बैटरी से सुरक्षा का गंभीर खतरा हो सकता है। एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले, अपने पावर बैंक को अच्छी तरह देख लें कि कहीं उसमें कोई खराबी तो नहीं है।
इन चेतावनी वाले संकेतों पर ध्यान दें:
- केसिंग का फूलना या टेढ़ा-मेढ़ा होना।
- डिवाइस के गिरने से उसमें दरारें या खराबी आना।
- सामान्य इस्तेमाल के दौरान असामान्य रूप से गर्म होना।
- जलने की गंध, फुसफुसाहट की आवाज़ या लीकेज।
अगर आपको इनमें से कोई भी संकेत दिखे, तो पावर बैंक को साथ न ले जाएँ और न ही उसका इस्तेमाल करें। इसे किसी सुरक्षित और सही डिवाइस से बदल लें।
4. यात्रा करने से पहले बैटरी की क्षमता (कैपेसिटी) की जाँच करें
एयरलाइन आमतौर पर बैटरी की ऊर्जा क्षमता (जिसे वॉट-घंटे या Wh में मापा जाता है) के आधार पर नियम लागू करती हैं।
- 100 Wh तक: आमतौर पर केबिन बैगेज में ले जाने की इजाज़त होती है, लेकिन लागू नियमों का पालन करना ज़रूरी है।
- 100 Wh से ज़्यादा और 160 Wh तक: आमतौर पर एयरलाइन की मंज़ूरी की ज़रूरत होती है, जहाँ इसकी इजाज़त हो।
- 160 Wh से ज़्यादा: आमतौर पर आम यात्री विमानों में ले जाने पर रोक होती है।
पावर बैंक पर अक्सर मिलीएम्पीयर-घंटे (mAh) में क्षमता लिखी होती है। अगर वॉट-घंटे की रेटिंग नहीं लिखी है, तो निर्माता की जानकारी (स्पेसिफ़िकेशन) देखें या एयरलाइन से संपर्क करके पता करें कि डिवाइस ले जाने की इजाज़त है या नहीं।
याद रखें कि एयरलाइन की पॉलिसी और लागू एविएशन नियमों के तहत अतिरिक्त पाबंदियाँ हो सकती हैं।
5. अगर डिवाइस ज़्यादा गर्म हो जाए तो तुरंत केबिन क्रू को बताएँ
अगर आपका पावर बैंक, स्मार्टफ़ोन या लैपटॉप असामान्य रूप से गर्म हो जाए, उससे धुआँ निकलने लगे या बैटरी में खराबी के संकेत दिखें, तो तुरंत केबिन क्रू को बताएँ।
इन सावधानियों का पालन करें:
- बिना देरी किए क्रू को सूचित करें।
- क्रू के निर्देशों का पालन करें और डिवाइस को खोलने या तोड़ने की कोशिश न करें।
- जलती हुई बैटरी को खुद न उठाएँ और न ही छुएँ।
- अगर डिवाइस आपकी सीट में फँस गया है, तो उसे निकालने के लिए सीट के मैकेनिज़्म को न छेड़ें। क्रू को बताएँ ताकि वे सुरक्षित रूप से स्थिति को संभाल सकें। समस्या की तुरंत सूचना देने से क्रू को स्थिति के और गंभीर होने से पहले ही कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
