Petrol Diesel Price: क्रूड ऑयल 90 डॉलर के पार, फिर भी आज नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के दाम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिल रहा है। ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से ऊपर पहुंच गया है, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI क्रूड में भी मजबूत तेजी दर्ज की गई है। इसके बावजूद 31 अगस्त 2026 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
महीने की आखिरी तारीख पर सरकारी तेल कंपनियों ने नए रेट जारी कर दिए हैं और प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं। ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा हो रहा है और भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है, घरेलू ईंधन कीमतों में स्थिरता आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात मानी जा सकती है।
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के भाव में तेजी या गिरावट का असर तेल विपणन कंपनियों की लागत, मार्जिन और आगे की मूल्य नीति पर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल 31 अगस्त को पेट्रोल और डीजल के रिटेल रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है।
ब्रेंट क्रूड फिर 90 डॉलर के ऊपर
अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में सोमवार को जोरदार हलचल देखने को मिली। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.52 प्रतिशत बढ़कर 90.32 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।
वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड यानी WTI की कीमत में 2.41 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 85.41 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता नजर आया।
कच्चे तेल में यह तेजी ऐसे समय आई है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की खबरों ने वैश्विक बाजार की चिंता बढ़ा दी है। तेल आपूर्ति से जुड़े किसी भी संभावित जोखिम का असर क्रूड की कीमतों पर तेजी से दिखाई देता है।
भू-राजनीतिक तनाव ने बढ़ाई बाजार की चिंता
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने लराक द्वीप पर ईरान के दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। दावा किया गया कि इन लॉन्चरों का इस्तेमाल होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें दागने की कोशिश में किया जा रहा था।
इसके बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की ओर से जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की बात सामने आई। दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में सप्लाई को लेकर आशंका बढ़ा दी।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। इसलिए इस इलाके से जुड़ा कोई भी सैन्य या भू-राजनीतिक तनाव कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकता है।
क्रूड महंगा होने के बाद भी भारत में रेट स्थिर
कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी के बावजूद 31 अगस्त को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
तेल विपणन कंपनियां अलग-अलग शहरों के लिए रोजाना ईंधन की कीमतें जारी करती हैं। स्थानीय टैक्स, परिवहन लागत और राज्यवार शुल्क के चलते पेट्रोल और डीजल के भाव एक शहर से दूसरे शहर में अलग हो सकते हैं।
आज प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल का भाव
| शहर | पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर | डीजल की कीमत प्रति लीटर |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹102.12 | ₹95.20 |
| मुंबई | ₹111.31 | ₹97.97 |
| कोलकाता | ₹113.51 | ₹99.82 |
| चेन्नई | ₹107.78 | ₹99.56 |
| हैदराबाद | ₹115.69 | ₹103.82 |
| पटना | ₹113.35 | ₹99.36 |
| वाराणसी | ₹107.40 | ₹90.10 |
| भुवनेश्वर | ₹103.19 | ₹100.68 |
| आगरा | ₹107.09 | ₹89.80 |
किस शहर में पेट्रोल सबसे महंगा?
दी गई सूची के अनुसार हैदराबाद में पेट्रोल का भाव सबसे अधिक 115.69 रुपये प्रति लीटर है। इसके बाद कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और पटना में 113.35 रुपये प्रति लीटर पर है।
मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.31 रुपये प्रति लीटर है, जबकि चेन्नई में यह 107.78 रुपये और वाराणसी में 107.40 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है।
दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर है, जो सूची में शामिल कई बड़े महानगरों के मुकाबले कम है।
डीजल के दाम में भी नहीं हुआ बदलाव
डीजल की कीमतों की बात करें तो हैदराबाद में इसका भाव 103.82 रुपये प्रति लीटर है। भुवनेश्वर में डीजल 100.68 रुपये प्रति लीटर, कोलकाता में 99.82 रुपये और चेन्नई में 99.56 रुपये प्रति लीटर पर है।
मुंबई में डीजल 97.97 रुपये और दिल्ली में 95.20 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। वहीं वाराणसी में इसकी कीमत 90.10 रुपये और आगरा में 89.80 रुपये प्रति लीटर है।
आगे पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर रहेगी नजर
फिलहाल घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतें स्थिर हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल में जारी तेजी आने वाले दिनों में अहम हो सकती है। अगर कच्चे तेल की कीमत लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती है तो इसका असर तेल कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है।
हालांकि पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमत तय होने में केवल क्रूड ऑयल ही एकमात्र कारक नहीं होता। इसमें टैक्स, मुद्रा विनिमय दर, रिफाइनिंग लागत और अन्य खर्च भी भूमिका निभाते हैं।
ऐसे में वाहन चालकों को रोजाना अपने शहर का ताजा पेट्रोल-डीजल रेट जांचना चाहिए। फिलहाल 31 अगस्त को राहत की बात यह है कि क्रूड ऑयल 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचने के बावजूद देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई नया इजाफा नहीं हुआ है।
