Petrol and Diesel Price- सरकार ने कम किया 'विंडफॉल टैक्स', जानिए ताजा रेट्स
दोस्तो सरकार ने दिवाली से पहले पेट्रोल और डीजल को लेकर बड़ी राहत की खबर दे दी है, आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम निर्यात पर लगने वाले 'विंडफॉल टैक्स' (अतिरिक्त लाभ कर) में बड़ा बदलाव किया है। मोदी सरकार ने पेट्रोल निर्यात पर विंडफॉल टैक्स को घटाकर शून्य कर दिया है, जबकि डीजल निर्यात पर टैक्स को ₹3 प्रति लीटर बढ़ाकर ₹11.50 प्रति लीटर कर दिया है।
इस बीच, इंडियन ऑयल (IOCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने 2 नवंबर के लिए पेट्रोल और डीजल की ताजा कीमतें जारी कर दी हैं। ईंधन की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलना जारी है।

1. आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं
2 नवंबर को देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। प्रमुख शहरों में ताजा दरें इस प्रकार हैं:
- दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर; डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।
- लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 प्रति लीटर; डीजल ₹99.28 प्रति लीटर।
- दिल्ली XP95 पेट्रोल: ₹109.24 प्रति लीटर।
- दिल्ली XP100 पेट्रोल: ₹167.35 प्रति लीटर।
उपभोक्ताओं को ध्यान रखना चाहिए कि राज्य के करों, वैट (VAT) और परिवहन लागत में अंतर के कारण अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं।
2. सबसे सस्ता और सबसे महंगा पेट्रोल और डीजल
भारत के विभिन्न शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में काफी अंतर है।
- सबसे सस्ता पेट्रोल: पोर्ट ब्लेयर में ₹88.66 प्रति लीटर।
- सबसे सस्ता डीजल: पोर्ट ब्लेयर में ₹84.56 प्रति लीटर।
- सबसे महंगा पेट्रोल: चित्तूर (आंध्र प्रदेश) में ₹118.34 प्रति लीटर।
- सबसे महंगा डीजल: चित्तूर में ₹106.06 प्रति लीटर।

3. पेट्रोल निर्यात पर विंडफॉल टैक्स घटाकर शून्य किया गया
केंद्र सरकार ने पेट्रोल निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स को घटाकर शून्य कर दिया है। वहीं, डीजल निर्यात पर विंडफॉल टैक्स को ₹3 प्रति लीटर बढ़ाकर ₹11.50 प्रति लीटर कर दिया गया है। यह टैक्स एडजस्टमेंट पेट्रोलियम निर्यात पर लागू होता है और इससे पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं द्वारा चुकाई जाने वाली खुदरा कीमतों में सीधे तौर पर कोई बदलाव नहीं आता है।
4. कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में गिरावट का रुझान
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में कुछ गिरावट देखी गई है।
सुबह 6 बजे के उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार:
- ब्रेंट क्रूड: 111.78 डॉलर प्रति बैरल, 1.65 डॉलर की कमी।
- WTI क्रूड: 102.44 डॉलर प्रति बैरल, 1.68 डॉलर की कमी।
इस गिरावट के बावजूद, भू-राजनीतिक तनाव और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतें दबाव में बनी हुई हैं।
5. अन्य देशों की तुलना में भारत में ईंधन की कीमतों में कम बढ़ोतरी
मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों को काफी बढ़ा दिया है। खबरों के अनुसार, इस साल ब्रेंट क्रूड लगभग 90% महंगा हो गया है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में केवल 8% से 8.50% के आसपास ही बढ़ोतरी हुई है।
अन्य देशों में देखी गई बढ़ोतरी इस प्रकार है:
- म्यांमार: पेट्रोल की कीमतें लगभग दोगुनी हो गईं, जबकि डीजल लगभग 80% महंगा हो गया।
- UAE: पेट्रोल की कीमतों में 83.7% और डीजल की कीमतों में 90.50% की बढ़ोतरी हुई।
- पाकिस्तान: पेट्रोल 46.9% और डीजल 43.6% महंगा हो गया।
भारतीय सरकार और तेल विपणन कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय कीमतों के दबाव का एक बड़ा हिस्सा खुद वहन कर लिया है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका असर सीमित रहे।
6. पश्चिम एशिया संकट से 1.35 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ
पश्चिम एशिया में चल रहे संकट से भारत सरकार के वित्त पर भी दबाव पड़ रहा है।
रेटिंग एजेंसी ICRA की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर के आकलन के अनुसार, इस संकट की वजह से सरकार पर लगभग 1.35 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा है।
हालांकि, इस आकलन से पता चलता है कि सरकार सार्वजनिक खर्च में कटौती किए बिना ही इस वित्तीय दबाव को संभाल सकती है।
