Petrol and Diesel Price- पेट्रोल और डीजल के भावों में हुआ बदलाव, लेने से पहले चेक कर लें रेट
दोस्तो मीडिल ईस्ट में चल रहा विवाद लोगों की गले जान की आफत बना हुआ हैं, क्योंकि इससे इधन का आयात नहीं हो रहा हैं, ईंधन के दाम सीधे आम आदमी की जेब और महंगाई के खर्चों पर असर डालते हैं। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोजाना सुबह 6 बजे अपडेट की जाती हैं। आज भी अलग-अलग शहरों के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें अपडेट की गई हैं। आइए जानते हैं पेट्रोल और डीजल के ताजा भाव

पेट्रोल डीज़ल की आज की कीमत
लखनऊ: पेट्रोल ₹101.86 और डीज़ल ₹95.36 प्रति लीटर
कानपुर अर्बन: पेट्रोल ₹101.78 और डीज़ल ₹95.27 प्रति लीटर
प्रयागराज: पेट्रोल ₹102.31 और डीज़ल ₹95.81 प्रति लीटर
नोएडा: पेट्रोल ₹101.96 और डीज़ल ₹95.44 प्रति लीटर
वाराणसी: पेट्रोल ₹102.23 और डीज़ल ₹95.72 प्रति लीटर
गोरखपुर: पेट्रोल ₹102.51 और डीज़ल ₹95.94 प्रति लीटर
गाजियाबाद: पेट्रोल ₹101.88 और डीज़ल ₹95.36 प्रति लीटर
मेरठ: पेट्रोल ₹101.77 और डीजल ₹95.26 प्रति लीटर
अलीगढ़: पेट्रोल ₹101.92 और डीजल ₹95.38 प्रति लीटर
आगरा: पेट्रोल ₹101.66 और डीजल ₹95.14 प्रति लीटर
सुबह 6 बजे पेट्रोल-डीजल के दाम क्यों बदलते हैं?
देश में तेल विपणन कंपनियां हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों को अपडेट करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम, रुपये और डॉलर की एक्सचेंज दर तथा अन्य बाजारईंधन की कीमतों को प्रभावित करती हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य पेट्रोल-डीजल के रोजाना दामों में बदलाव बनाए रखना है, ताकि फार्मासिस्ट को अपने शहर में लागू कीमत की जानकारी मिल सके।

मई 2026 में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए थे
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 15 मई 2026 को बढ़ोतरी की गई थी। उस समय दोनों ईंधनों के दाम में करीब ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद भी फ्यूल की कीमतों को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है।
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से बढ़ा दबाव
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी के कारण तेल विपणन कंपनियों पर भारी वित्तीय दबाव पड़ा है। उन्होंने बताया था कि कंपनियों को अंडर-रिकवरी के कारण रोजाना करीब ₹1,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है, जबकि यह नुकसान लगभग ₹1.98 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया था।
पुरी के अनुसार, तिमाही आधार पर भी नुकसान करीब ₹1 लाख करोड़ के स्तर पर बताया गया। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें पहले के करीब $64–65 प्रति बैरल से बढ़कर करीब $115 प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं।
