LPG DAC Code- क्या आपसे एलपीजी बुकिंग का DAC कोड डिलीट हो गया हैं, जानिए कैसे मिलेगा गैस सिलिंडर
दोस्तो गैस सिलेंडर आज के युग में हर का अहम हिस्सा बन गए हैं, जो हर महीने ऑर्डर दिया जाता हैं, ऐसे में अगर कोई घरेलू LPG गैस सिलेंडर बुक करता है, तो उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ज़रूरी 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' (DAC) भेजा जाता है। यह कोड एक OTP की तरह काम करता है और सिलेंडर की डिलीवरी के समय ग्राहक की पहचान वेरिफाई करने के लिए ज़रूरी होता है।
ऐसे में कभी-कभी DAC कोड वाला मैसेज गलती से डिलीट हो सकता है। स्मार्टफोन में मौजूद 'ऑटो-डिलीट OTP' फीचर की वजह से भी यह मैसेज गायब हो सकता है। अगर ऐसा हो जाएं तो सिलिडेंर कैसे मिलेगा-
LPG डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) क्या है?
DAC एक यूनीक सिक्योरिटी कोड है, जो LPG सिलेंडर बुक करने के बाद जनरेट होता है। यह यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि सिलेंडर सही ग्राहक तक ही पहुँचे और किसी गलत व्यक्ति को डिलीवरी न हो जाए।
यह कोड आमतौर पर गैस एजेंसी के पास रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS के ज़रिए भेजा जाता है।
अगर आपका LPG DAC कोड डिलीट हो जाए, तो क्या करें?
1. अपनी गैस एजेंसी से संपर्क करें: अपने LPG डिस्ट्रीब्यूटर से बात करें और उन्हें बताएं कि आपसे डिलीवरी ऑथेंटिकेशन मैसेज डिलीट हो गया है।
2. डिलीवरी करने वाले व्यक्ति को बताएं: जब डिलीवरी करने वाला व्यक्ति आए, तो उन्हें बता दें कि आपके पास अब ओरिजिनल DAC कोड नहीं है।
3. नया DAC जनरेट करें: डिलीवरी करने वाला व्यक्ति अपने ऑफिशियल डिलीवरी ऐप के ज़रिए एक नया ऑथेंटिकेशन कोड जनरेट करके आपको फिर से भेज सकता है।
4. गैस एजेंसी का ऐप चेक करें: आप यह भी देख सकते हैं कि क्या आपके LPG प्रोवाइडर के ऑफिशियल मोबाइल ऐप में DAC कोड को दोबारा पाने या नया जनरेट करने का विकल्प मौजूद है।
5. अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर चेक करें: सुनिश्चित करें कि आपका रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर एक्टिव है और उस पर SMS आ सकते हैं।
LPG सिलेंडर लेते समय कुछ ज़रूरी सावधानियां
- वज़न चेक करें: डिलीवरी करने वाले व्यक्ति से कहें कि वे सिलेंडर का वज़न करें, ताकि यह पक्का हो सके कि गैस की मात्रा सही है।
- एक्सपायरी डेट चेक करें: सिलेंडर लेने से पहले उसकी टेस्टिंग वैलिडिटी (एक्सपायरी डेट) ज़रूर देख लें।
- सील की जांच करें: सुनिश्चित करें कि सेफ्टी सील सही-सलामत है और उससे कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।
- लीकेज चेक करें: देखें कि कहीं कोई नुकसान या लीकेज तो नहीं है, और ज़रूरत पड़ने पर सेफ्टी डेमो (सुरक्षा प्रदर्शन) मांगें।
- सही रसीद लें: हमेशा डिलीवरी रसीद लें और ली गई रकम की जांच करें।
