Loan Update- होम या कार लोन वालों के लिए बड़ी खबर, क्या फिर बढ़ने वाली है आपकी EMI?

 
Loan Update- होम या कार लोन वालों के लिए बड़ी खबर, क्या फिर बढ़ने वाली है आपकी EMI? दोस्तो अगर आप होम लोन और कार लोन लेने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए यह खबर बहुत ही खास हैं, क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) आने वाले महीनों में नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। विश्लेषकों का अनुमान है कि अक्टूबर और दिसंबर 2026 की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में 0.25-0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जा सकती है। इसके पीछे बढ़ती खुदरा महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में संभावित बदलाव जैसे कई कारण बताए जा रहे हैं। अक्टूबर में हो सकती है पहली दर बढ़ोतरी RBI अक्टूबर की मौद्रिक नीति बैठक से ही ब्याज दर बढ़ाने का सिलसिला शुरू कर सकता है। पहले कुछ अनुमान दिसंबर से दरों में बढ़ोतरी शुरू होने के थे, लेकिन बदलते आर्थिक हालात के कारण यह अनुमान अक्टूबर तक आगे कर दिया गया है। अगर ऐसा होता है, तो अक्टूबर और दिसंबर की दोनों बैठकों में रेपो रेट 0.25 प्रतिशत यानी 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाया जा सकता है। महंगाई बढ़ने की आशंका RBI के लिए सबसे बड़ी चिंता खुदरा महंगाई का फिर से ऊपर जाना हो सकती है। SBI के अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि आने वाले समय में खुदरा महंगाई 6.5 प्रतिशत के स्तर को पार कर सकती है और इसके बाद 2027 की शुरुआत तक 6 प्रतिशत से नीचे आ सकती है। महंगाई लंबे समय तक ऊंची रहने की स्थिति में RBI पर मौद्रिक नीति को सख्त करने का दबाव बढ़ सकता है। कच्चे तेल की कीमतें भी अहम कारण पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिल रही है। Deutsche Bank के विश्लेषकों के अनुसार, क्रूड ऑयल की कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार करना भारत के लिए चिंता का विषय हो सकता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि से महंगाई और आयात लागत पर दबाव बढ़ सकता है। SBI और HSBC का भी अनुमान SBI के अर्थशास्त्रियों ने अक्टूबर और दिसंबर में 0.25-0.25 प्रतिशत की दो दर बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है। उनके अनुसार, इसके बाद RBI कुछ समय के लिए दरों में बदलाव रोक सकता है। वहीं विदेशी ब्रोकरेज फर्म HSBC ने भी अक्टूबर और दिसंबर में दो संभावित दर बढ़ोतरी का अनुमान जताया है। HSBC के अनुसार महंगाई लगातार कई महीनों तक 5 प्रतिशत से ऊपर रह सकती है। आगे भी बढ़ सकती हैं ब्याज दरें Deutsche Bank के अनुमान के अनुसार, अक्टूबर से शुरू होने वाला संभावित दर बढ़ोतरी चक्र केवल दो बैठकों तक सीमित नहीं रह सकता। बैंक ने फरवरी 2027 में संभावित विराम के बाद अप्रैल और जून 2027 में भी दर बढ़ोतरी की संभावना जताई है। यदि ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो मौजूदा संभावित दर बढ़ोतरी चक्र में कुल 1 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है।

दोस्तो अगर आप होम लोन और कार लोन लेने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए यह खबर बहुत ही खास हैं, क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) आने वाले महीनों में नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। विश्लेषकों का अनुमान है कि अक्टूबर और दिसंबर 2026 की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में 0.25-0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जा सकती है। इसके पीछे बढ़ती खुदरा महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में संभावित बदलाव जैसे कई कारण बताए जा रहे हैं।

Loan Update – Big news for home or car loan borrowers: Is your EMI set to rise again?

अक्टूबर में हो सकती है पहली दर बढ़ोतरी

RBI अक्टूबर की मौद्रिक नीति बैठक से ही ब्याज दर बढ़ाने का सिलसिला शुरू कर सकता है। पहले कुछ अनुमान दिसंबर से दरों में बढ़ोतरी शुरू होने के थे, लेकिन बदलते आर्थिक हालात के कारण यह अनुमान अक्टूबर तक आगे कर दिया गया है।

अगर ऐसा होता है, तो अक्टूबर और दिसंबर की दोनों बैठकों में रेपो रेट 0.25 प्रतिशत यानी 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाया जा सकता है।

महंगाई बढ़ने की आशंका

RBI के लिए सबसे बड़ी चिंता खुदरा महंगाई का फिर से ऊपर जाना हो सकती है। SBI के अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि आने वाले समय में खुदरा महंगाई 6.5 प्रतिशत के स्तर को पार कर सकती है और इसके बाद 2027 की शुरुआत तक 6 प्रतिशत से नीचे आ सकती है।

महंगाई लंबे समय तक ऊंची रहने की स्थिति में RBI पर मौद्रिक नीति को सख्त करने का दबाव बढ़ सकता है।

कच्चे तेल की कीमतें भी अहम कारण

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिल रही है। Deutsche Bank के विश्लेषकों के अनुसार, क्रूड ऑयल की कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार करना भारत के लिए चिंता का विषय हो सकता है।

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि से महंगाई और आयात लागत पर दबाव बढ़ सकता है।

Loan Update – Big news for home or car loan borrowers: Is your EMI set to rise again?

SBI और HSBC का भी अनुमान

SBI के अर्थशास्त्रियों ने अक्टूबर और दिसंबर में 0.25-0.25 प्रतिशत की दो दर बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है। उनके अनुसार, इसके बाद RBI कुछ समय के लिए दरों में बदलाव रोक सकता है।

वहीं विदेशी ब्रोकरेज फर्म HSBC ने भी अक्टूबर और दिसंबर में दो संभावित दर बढ़ोतरी का अनुमान जताया है। HSBC के अनुसार महंगाई लगातार कई महीनों तक 5 प्रतिशत से ऊपर रह सकती है।

आगे भी बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

Deutsche Bank के अनुमान के अनुसार, अक्टूबर से शुरू होने वाला संभावित दर बढ़ोतरी चक्र केवल दो बैठकों तक सीमित नहीं रह सकता। बैंक ने फरवरी 2027 में संभावित विराम के बाद अप्रैल और जून 2027 में भी दर बढ़ोतरी की संभावना जताई है।

यदि ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो मौजूदा संभावित दर बढ़ोतरी चक्र में कुल 1 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है।