Insurance Claim- एक्सीडेंट के बाद बीमा क्लेम चाहिए, तो क्या करें और क्या न करें जानिए
दोस्तो सड़क हादसे होना एक आम बात हो गई हैं, ऐसा होने पर घबराहट हो जाती हैं, जिसके बाद हम जल्दबाजी में हम गलत कदम उठा लेते हैं, लेकिन दुर्घटना के बाद जल्दबाजी में उठाया गया कोई गलत कदम आपके Motor Insurance Claim को मुश्किल में डाल सकता है। वाहन की मरम्मत कराने से लेकर इंजन दोबारा स्टार्ट करने तक, कुछ ऐसी गलतियां हैं जिनसे बीमा क्लेम के सेटलमेंट में परेशानी हो सकती है।
अगर आप चाहते हैं कि दुर्घटना के बाद वाहन के नुकसान या इलाज से जुड़े खर्च का Insurance Claim आसानी से प्रोसेस हो, तो हादसे के तुरंत बाद सही प्रक्रिया अपनाना जरूरी है। आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स

1. सुरक्षित जगह पर जाएं
हादसे के बाद सबसे पहले खुद को, यात्रियों और दूसरे लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाएं। यदि किसी व्यक्ति को चोट लगी है, तो जरूरत के अनुसार तुरंत मेडिकल सहायता लें।
2. हादसे की फोटो और वीडियो बनाएं
वाहन को हटाने से पहले, जहां संभव हो, दुर्घटना स्थल, दोनों वाहनों की स्थिति, क्षतिग्रस्त हिस्सों और आसपास की परिस्थितियों की साफ फोटो और वीडियो ले लें। ये सबूत बाद में इंश्योरेंस क्लेम में काम आ सकते हैं।
3. पुलिस को सूचना दें
हादसे की गंभीरता और स्थानीय नियमों के अनुसार पुलिस को सूचना दें और आवश्यकता होने पर FIR या दुर्घटना रिपोर्ट दर्ज कराएं। पुलिस दस्तावेज भविष्य में क्लेम प्रक्रिया के दौरान उपयोगी हो सकते हैं।
4. Insurance Company को तुरंत जानकारी दें
अपनी बीमा कंपनी के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करके दुर्घटना की पूरी जानकारी दें। कंपनी से Claim Number जरूर प्राप्त करें और आगे की प्रक्रिया के बारे में जानकारी लें।

Accident के बाद इन 3 गलतियों से बचें
1. Survey से पहले वाहन की मरम्मत न कराएं
हादसे के बाद वाहन को सीधे किसी स्थानीय गैराज में ले जाकर मरम्मत शुरू कराना सही नहीं है। पहले बीमा कंपनी के सर्वेयर द्वारा वाहन के नुकसान का निरीक्षण किया जाना जरूरी हो सकता है।
इसलिए: Insurance Company से संपर्क करें और सर्वे/निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मरम्मत शुरू कराएं, जब तक कि कंपनी या परिस्थितियां कोई अलग प्रक्रिया न बताएं।
2. दुर्घटना के बाद जबरदस्ती इंजन स्टार्ट न करें
अगर हादसे के बाद वाहन बंद हो गया है, तो उसे बार-बार या जबरदस्ती स्टार्ट करने की कोशिश न करें। इंजन या वाहन के किसी अन्य हिस्से में नुकसान होने की स्थिति में दोबारा स्टार्ट करने से नुकसान बढ़ सकता है और क्लेम पर विवाद पैदा हो सकता है।
3. मौके पर निजी समझौता करने से बचें
दूसरे वाहन चालक के साथ दुर्घटना स्थल पर जल्दबाजी में पैसे का लेन-देन या निजी समझौता करने से बचें। पहले पुलिस और अपनी बीमा कंपनी को घटना की जानकारी दें और उनकी प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ें।
Insurance Claim के लिए कौन-कौन से Documents रखें?
Vehicle Registration Certificate (RC)
Valid Driving Licence
Motor Insurance Policy की कॉपी
Insurance Claim Form
Police FIR/Report, जहां लागू हो
दुर्घटना की फोटो और वीडियो
चोट लगने की स्थिति में Hospital Bills और Prescriptions
वाहन मरम्मत से संबंधित Bills और Estimates
ध्यान रखें कि अलग-अलग बीमा कंपनियों और परिस्थितियों के अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।
