Death Certificate- डेथ सर्टिफिकेट हो गया हैं पुराना, तो करले ये काम, अटक सकते हैं ये काम
दोस्तो किसी परिवार के सदस्य की मृत्यु होना उस परिवार के लिए सबसे बड़ी हानि हैं, लेकिन किसी के जाने से दुनिया रुकती नहीं हैं, निधन के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र सबसे जरूरी दस्तावेजों में से एक होता है। बैंक खाता बंद कराने, बीमा क्लेम लेने, पारिवारिक पेंशन, सरकारी योजनाओं और अन्य कानूनी कामों में इसकी जरूरत पड़ सकती है। अगर आपके पास किसी पुराने मामले का मृत्यु प्रमाण पत्र केवल कागज पर है, तो उसका रिकॉर्ड डिजिटल सिस्टम में दर्ज करवाना भविष्य के लिए काफी उपयोगी हो सकता है, आइए जानते हैं कैसे कर सकते हैं आप ये काम

डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र के क्या हैं फायदे?
कागजी दस्तावेज के खराब होने या खो जाने का खतरा हमेशा रहता है। डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने पर जरूरत पड़ने पर प्रमाण पत्र ऑनलाइन प्राप्त करना आसान हो जाता है।
दस्तावेज खोने या खराब होने का जोखिम कम होता है।
जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जा सकता है।
बैंकिंग और बीमा से जुड़े कामों में सुविधा मिल सकती है।
पारिवारिक पेंशन और सरकारी सेवाओं के लिए दस्तावेज उपलब्ध रहता है।
दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया आसान हो सकती है।
डिजिटल रिकॉर्ड से फर्जीवाड़े की संभावना कम करने में मदद मिलती है।
सबसे पहले ऑनलाइन रिकॉर्ड चेक करें
अगर मृत्यु का पंजीकरण पहले ही हो चुका है, तो सबसे पहले अपने राज्य के Civil Registration System (CRS) पोर्टल पर रिकॉर्ड चेक करें। इसके अलावा नगर निगम, नगर पालिका, ग्राम पंचायत या संबंधित जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार के कार्यालय की वेबसाइट पर भी रिकॉर्ड उपलब्ध हो सकता है।
अगर पुराना रिकॉर्ड ऑनलाइन मिल जाता है, तो उपलब्ध सुविधा के माध्यम से डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जा सकता है।

ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं मिले तो क्या करें?
कई पुराने मृत्यु रिकॉर्ड अभी डिजिटल सिस्टम में दर्ज नहीं हुए होते हैं। ऐसी स्थिति में संबंधित Registrar of Births and Deaths कार्यालय से संपर्क कर पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल सिस्टम में दर्ज कराने के लिए आवेदन किया जा सकता है।
रिकॉर्ड अपडेट होने के बाद नियमानुसार डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र जारी या डाउनलोड करने की सुविधा मिल सकती है। आवश्यक दस्तावेज और प्रक्रिया राज्य या स्थानीय निकाय के नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
पुराने कागजी प्रमाण पत्र को संभालकर रखें
डिजिटल रिकॉर्ड बन जाने के बाद भी पुराने मूल कागजी मृत्यु प्रमाण पत्र को फेंकना नहीं चाहिए। इसे सुरक्षित स्थान पर रखना बेहतर है, क्योंकि भविष्य में मूल दस्तावेज की जरूरत पड़ सकती है।
