महंगाई में कितना होना चाहिए Emergency Fund? जानें आपका सेविंग बफर आज भी पर्याप्त है या नहीं
बढ़ती महंगाई और बदलती जिम्मेदारियों के बीच समय-समय पर इमरजेंसी फंड की समीक्षा करना आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है
आर्थिक अनिश्चितताओं के इस दौर में केवल कमाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य के अप्रत्याशित खर्चों के लिए मजबूत वित्तीय तैयारी भी उतनी ही जरूरी है। नौकरी छूटना, अचानक बीमारी, बिजनेस में नुकसान या किसी अन्य आपात स्थिति में सबसे पहले जिस बचत की जरूरत पड़ती है, वह है Emergency Fund।
अक्सर लोग एक बार इमरजेंसी फंड तैयार कर लेते हैं और फिर कई वर्षों तक उसमें कोई बदलाव नहीं करते। लेकिन समय के साथ महंगाई बढ़ती है, घरेलू खर्च बदलते हैं और परिवार की जिम्मेदारियां भी बढ़ती जाती हैं। ऐसे में कुछ साल पहले बनाया गया इमरजेंसी फंड आज की जरूरतों के मुकाबले कम साबित हो सकता है।
अगर आपने भी लंबे समय से अपने इमरजेंसी फंड की समीक्षा नहीं की है, तो अब यह जांचने का सही समय है कि आपकी बचत मौजूदा परिस्थितियों के लिए पर्याप्त है या नहीं।
सबसे पहले जानें आपके जरूरी मासिक खर्च कितने हैं
इमरजेंसी फंड का सही आकलन करने के लिए केवल अपनी आय नहीं, बल्कि उन खर्चों की सूची तैयार करें जिन्हें किसी भी परिस्थिति में टाला नहीं जा सकता।
इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं—
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घर का किराया या होम लोन की EMI
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राशन और रोजमर्रा का घरेलू खर्च
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बिजली, पानी, गैस और इंटरनेट जैसे आवश्यक बिल
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बच्चों की स्कूल या कॉलेज फीस
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स्वास्थ्य और जीवन बीमा का प्रीमियम
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अन्य लोन की EMI
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दवाइयों और इलाज का नियमित खर्च
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ऑफिस या जरूरी यात्रा का खर्च
इन सभी आवश्यक खर्चों को जोड़ने के बाद आपको यह स्पष्ट हो जाएगा कि हर महीने न्यूनतम कितनी राशि की जरूरत पड़ती है।
3, 6 या 12 महीने का फंड? सही विकल्प कैसे चुनें
अक्सर वित्तीय सलाहकार कम से कम 3 से 6 महीने के आवश्यक खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड रखने की सलाह देते हैं। हालांकि यह नियम हर व्यक्ति पर समान रूप से लागू नहीं होता।
यदि—
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परिवार में केवल एक ही कमाने वाला सदस्य है,
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आपकी आय अनियमित है,
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आप स्वरोजगार या बिजनेस करते हैं,
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घर में छोटे बच्चे या बुजुर्गों की जिम्मेदारी है,
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नई नौकरी मिलने में अधिक समय लग सकता है,
तो 9 से 12 महीने के आवश्यक खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड रखना अधिक सुरक्षित माना जाता है।
वहीं यदि परिवार में एक से अधिक कमाने वाले सदस्य हैं और आय का स्रोत स्थिर है, तो अपेक्षाकृत कम अवधि का इमरजेंसी फंड भी पर्याप्त हो सकता है।
सिर्फ मासिक खर्च नहीं, सालाना खर्च भी जोड़ें
कई लोग इमरजेंसी फंड बनाते समय केवल हर महीने होने वाले खर्चों को ही शामिल करते हैं। लेकिन कुछ ऐसे खर्च भी होते हैं जो साल में एक या दो बार आते हैं और जरूरत पड़ने पर इन्हें टालना आसान नहीं होता।
इनमें शामिल हो सकते हैं—
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बच्चों की वार्षिक स्कूल फीस
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बीमा पॉलिसी का नवीनीकरण
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प्रॉपर्टी टैक्स
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वाहन की सर्विस और जरूरी मरम्मत
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अन्य अनिवार्य वार्षिक भुगतान
यदि इन खर्चों को योजना में शामिल नहीं किया गया, तो संकट के समय आपका इमरजेंसी फंड उम्मीद से पहले खत्म हो सकता है।
महंगाई का असर इमरजेंसी फंड पर भी पड़ता है
महंगाई बढ़ने के साथ रोजमर्रा की जरूरतों पर होने वाला खर्च भी लगातार बढ़ता है। कुछ वर्षों पहले जो राशि छह महीने के खर्च के लिए पर्याप्त थी, वही आज शायद चार या पांच महीने भी न चल पाए।
यही कारण है कि वित्तीय विशेषज्ञ समय-समय पर अपने इमरजेंसी फंड का पुनर्मूल्यांकन करने की सलाह देते हैं। यदि आपकी आय बढ़ी है, परिवार में नए सदस्य जुड़े हैं या खर्चों में बदलाव आया है, तो उसी अनुपात में बचत भी बढ़ानी चाहिए।
हर साल करें इमरजेंसी फंड की समीक्षा
इमरजेंसी फंड को एक बार बनाकर भूल जाना सही रणनीति नहीं है। कम से कम साल में एक बार अपनी वित्तीय स्थिति की समीक्षा करें और देखें कि आपकी वर्तमान बचत बढ़ते खर्चों के मुकाबले पर्याप्त है या नहीं।
यदि जरूरी खर्च बढ़ गए हैं, तो अपने इमरजेंसी फंड में भी उसी अनुपात में अतिरिक्त राशि जोड़ें। इससे भविष्य में किसी भी आर्थिक संकट का सामना करना आसान हो सकता है।
कहां रखें इमरजेंसी फंड?
इमरजेंसी फंड ऐसी जगह होना चाहिए जहां जरूरत पड़ने पर तुरंत पैसे निकाले जा सकें। इसके लिए बचत खाता, लिक्विड फंड या कम जोखिम वाले अन्य निवेश विकल्प उपयुक्त माने जाते हैं। ऐसी योजनाओं से बचना चाहिए जिनमें पैसे निकालने में अधिक समय लगे या भारी जुर्माना देना पड़े।
निष्कर्ष
इमरजेंसी फंड केवल एक बचत नहीं, बल्कि आपकी आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार है। बदलती जीवनशैली, बढ़ती महंगाई और नई जिम्मेदारियों को देखते हुए समय-समय पर इसकी समीक्षा करना बेहद जरूरी है। यदि आपका मौजूदा इमरजेंसी फंड वर्तमान खर्चों के अनुरूप नहीं है, तो आज से ही उसे बढ़ाने की योजना बनाएं। सही समय पर तैयार किया गया मजबूत इमरजेंसी फंड किसी भी वित्तीय संकट में आपके और आपके परिवार के लिए सबसे बड़ा सहारा साबित हो सकता है।
