High Beam- हाइवे पर गाड़ी चला रहे हैं, तो इस तरह करें हाई बीम का इस्तेमाल

 
High Beam – Here is how to use the high beam while driving on the highway.

दोस्तो अगर आप अक्सर हाईवे पर गाड़ी चलाते हैं तो हेडलाइट का सही इस्तेमाल बेहद जरूरी है। कई चालक लगातार हाई बीम पर गाड़ी चलाते हैं, जिससे सामने से आने वाले वाहन चालक की आंखों पर तेज रोशनी पड़ती है और कुछ सेकंड के लिए सड़क साफ दिखाई नहीं देती।  इसलिए वाहन चालकों को यह समझना जरूरी है कि हाई बीम का इस्तेमाल कब करना चाहिए और कब लो बीम पर स्विच करना चाहिए, आइए जानें-

High Beam – Here is how to use the high beam while driving on the highway.

हाई बीम कब इस्तेमाल कर सकते हैं?

हाई बीम का इस्तेमाल मुख्य रूप से ऐसी परिस्थितियों में किया जाना चाहिए, जहां सड़क पर रोशनी बहुत कम हो और सामने का रास्ता पर्याप्त दूरी तक दिखाई न दे।

सुनसान और अंधेरे हाईवे पर, जहां स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था न हो।

जब सड़क पर पर्याप्त रोशनी न हो और दूर तक रास्ता स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा हो।

जब आगे या सामने से कोई वाहन न आ रहा हो।

घुमावदार या बेहद अंधेरे रास्तों पर दूर मौजूद बाधाओं, जानवरों या बैरिकेड को पहचानने के लिए।

सामने से वाहन आए तो तुरंत लो बीम करें

जैसे ही सामने से कोई वाहन दिखाई दे, ड्राइवर को तुरंत हाई बीम से लो बीम पर स्विच कर देना चाहिए। तेज रोशनी सीधे सामने वाले चालक की आंखों पर पड़ने से उसकी सड़क देखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

इसी तरह, अगर आप किसी वाहन के पीछे चल रहे हैं तो हाई बीम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसकी रोशनी आगे चल रहे वाहन के रियर-व्यू और साइड मिरर में पड़कर चालक को परेशान कर सकती है।

High Beam – Here is how to use the high beam while driving on the highway.

कोहरे और बारिश में हाई बीम से बचें

घने कोहरे, धुंध या तेज बारिश के दौरान हाई बीम का इस्तेमाल करना भी सुरक्षित नहीं माना जाता। तेज रोशनी पानी या कोहरे के कणों से टकराकर वापस चालक की ओर आ सकती है, जिससे सामने का रास्ता और कम दिखाई दे सकता है।

शहरों में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट वाले इलाकों, चौराहों और व्यस्त सड़कों पर भी जरूरत के मुताबिक लो बीम का इस्तेमाल करना बेहतर है।

लगातार हाई बीम चलाने के नुकसान

लगातार हाई बीम का इस्तेमाल केवल दूसरे वाहन चालकों के लिए परेशानी नहीं है, बल्कि इससे सड़क हादसे का खतरा भी बढ़ सकता है।

सामने वाले चालक की आंखों पर तेज रोशनी पड़ने से कुछ सेकंड के लिए दृश्यता काफी कम हो सकती है।

सड़क किनारे खड़े वाहन, पैदल यात्री या डिवाइडर समय पर दिखाई नहीं दे सकते।

सामने से आने वाले वाहन के साथ टक्कर का खतरा बढ़ सकता है।

आगे चल रहे वाहन के शीशों में तेज रोशनी पड़ने से चालक को पीछे आने वाले वाहन की दूरी का सही अंदाजा लगाने में परेशानी हो सकती है।

अंधेरे और घुमावदार रास्तों पर गलत तरीके से हाई बीम का इस्तेमाल दुर्घटना का कारण बन सकता है।

जिम्मेदार ड्राइविंग के लिए याद रखें

रात में हाईवे पर ड्राइविंग करते समय हाई बीम का इस्तेमाल केवल जरूरत पड़ने पर करें। सामने से वाहन आते ही लो बीम पर स्विच करें और आगे चल रहे वाहन के पीछे भी हाई बीम से बचें।

सही समय पर डिपर/लो बीम का इस्तेमाल करना छोटी-सी सावधानी है, लेकिन इससे सड़क पर आपके साथ-साथ दूसरे वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और अन्य लोगों की सुरक्षा भी बढ़ती है।