Gold Price Today: सोने की कीमतों में फिर उछाल, दिल्ली में 24 कैरेट का भाव ₹1.46 लाख के करीब
Gold Rate Today 6 August 2026: घरेलू सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों ने एक बार फिर तेजी पकड़ी है। देश के ज्यादातर बड़े शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट गोल्ड के दाम बढ़े हुए नजर आ रहे हैं। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है। वहीं, चांदी के भाव में भी मजबूती बनी हुई है और इसकी कीमत ₹2.40 लाख प्रति किलोग्राम के पार दर्ज की गई।
वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं की बढ़ती कीमतों, ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों और सुरक्षित निवेश की मांग ने सोने को सहारा दिया है। ऐसे में यदि आप आभूषण खरीदने या गोल्ड में निवेश करने की तैयारी कर रहे हैं, तो अपने शहर का ताजा भाव जरूर जांच लें।
दिल्ली में कितना है आज सोने का भाव?
6 अगस्त की सुबह दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर ₹1,45,910 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। वहीं, 22 कैरेट गोल्ड का भाव ₹1,33,760 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
24 कैरेट सोना सबसे अधिक शुद्ध माना जाता है और इसका इस्तेमाल आमतौर पर सिक्कों तथा निवेश उत्पादों में किया जाता है। दूसरी ओर, 22 कैरेट सोना मजबूती के कारण आभूषण बनाने में ज्यादा इस्तेमाल होता है।
मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में गोल्ड रेट
मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,45,760 प्रति 10 ग्राम रही। इन दोनों शहरों में 22 कैरेट गोल्ड का भाव ₹1,33,610 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
चेन्नई में भी 24 कैरेट सोना ₹1,45,760 और 22 कैरेट गोल्ड ₹1,33,610 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।
पुणे, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में भी कीमतें इसी स्तर के करीब बनी हुई हैं।
प्रमुख शहरों में आज का सोने का रेट
| शहर | 22 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) | 24 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,33,760 | ₹1,45,910 |
| मुंबई | ₹1,33,610 | ₹1,45,760 |
| अहमदाबाद | ₹1,33,660 | ₹1,45,810 |
| चेन्नई | ₹1,33,610 | ₹1,45,760 |
| कोलकाता | ₹1,33,610 | ₹1,45,760 |
| हैदराबाद | ₹1,33,610 | ₹1,45,760 |
| जयपुर | ₹1,33,760 | ₹1,45,910 |
| भोपाल | ₹1,33,660 | ₹1,45,810 |
| लखनऊ | ₹1,33,760 | ₹1,45,910 |
| चंडीगढ़ | ₹1,33,760 | ₹1,45,910 |
ध्यान दें: ये भाव संकेतात्मक हैं। जीएसटी, मेकिंग चार्ज, स्थानीय शुल्क और ज्वैलर के मार्जिन के कारण अंतिम खरीद कीमत अलग हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना मजबूत
वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमत ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। हाजिर सोना करीब 4,162.76 डॉलर प्रति औंस के आसपास दर्ज किया गया।
अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, डॉलर की चाल और बॉन्ड यील्ड में बदलाव सोने की कीमतों को प्रभावित करते हैं। जब निवेशकों को आर्थिक या भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ने का डर होता है, तो वे अक्सर सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं।
इसी वजह से वैश्विक बाजार की तेजी का असर भारतीय सर्राफा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।
अमेरिका-ईरान घटनाक्रम का बाजार पर असर
महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की उम्मीदों ने वैश्विक बाजार की धारणा को प्रभावित किया है।
इस मार्ग से ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद बढ़ने पर कच्चे तेल की कीमतों और महंगाई से जुड़ी चिंताएं कुछ कम हो सकती हैं। महंगाई का दबाव घटने से अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव भी कमजोर पड़ सकता है।
कम ब्याज दरों की संभावना आमतौर पर सोने के लिए सकारात्मक मानी जाती है, क्योंकि सोना ब्याज नहीं देता। जब बॉन्ड और अन्य ब्याज आधारित निवेशों का आकर्षण घटता है, तो सोने में निवेश की मांग बढ़ सकती है।
चांदी भी हुई महंगी
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। 6 अगस्त की सुबह घरेलू बाजार में चांदी का भाव करीब ₹2,40,100 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर की कीमत लगभग 61.35 डॉलर प्रति औंस के आसपास रही।
चांदी को निवेश के साथ औद्योगिक धातु के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन और मेडिकल उपकरण जैसे क्षेत्रों में इसकी मांग कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
सोना महंगा होने के प्रमुख कारण
सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हो सकते हैं:
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत मांग
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ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम होना
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डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड की चाल
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वैश्विक आर्थिक एवं भू-राजनीतिक अनिश्चितता
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केंद्रीय बैंकों और बड़े निवेशकों की खरीदारी
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घरेलू बाजार में त्योहारी एवं शादी-विवाह की मांग
भारत में सोने की कीमत पर रुपये और डॉलर की विनिमय दर का भी बड़ा असर पड़ता है। रुपया कमजोर होने पर आयातित सोना महंगा हो सकता है।
खरीदारी से पहले क्या जांचें?
सोने के बढ़ते भाव के बीच ग्राहकों को केवल बाजार कीमत देखकर खरीदारी नहीं करनी चाहिए। ज्वैलरी खरीदते समय सोने की शुद्धता, हॉलमार्क, मेकिंग चार्ज और अंतिम बिल की जांच करना जरूरी है।
22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के भाव अलग होते हैं। आभूषणों में पत्थर या अन्य धातु का इस्तेमाल होने पर उनकी कीमत और वजन का विवरण भी अलग से समझना चाहिए।
यदि निवेश के उद्देश्य से सोना खरीद रहे हैं, तो गोल्ड कॉइन, बार, गोल्ड ईटीएफ और अन्य विकल्पों के खर्च, टैक्स और जोखिम की तुलना करना उपयोगी हो सकता है।
आगे कैसी रह सकती है सोने की चाल?
आने वाले दिनों में सोने की दिशा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेतों, महंगाई के आंकड़ों, डॉलर की स्थिति और वैश्विक तनाव पर निर्भर करेगी। यदि ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद मजबूत होती है या सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ती है, तो सोने को और सहारा मिल सकता है।
हालांकि, सोने और चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव भी संभव है। इसलिए निवेशकों को एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय अपने लक्ष्य और जोखिम क्षमता के अनुसार फैसला करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। सोना, चांदी या किसी अन्य निवेश विकल्प में पैसा लगाने से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
