Gold Price in Delhi- सोने की कीमतों में आई भारी गिरावट, जानिए नए दाम
दोस्तो भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस दिन से कहां हैं कि आप सोना कम खरीदें उस दिन से ही सोने की कीमतों में स्थिरता आई हैं और गिरावट आई हैं, बात करें दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी की कीमतों में तेजी आई। रुपये की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर कारोबार के कारण सोने पर दबाव बना रहा।

दिल्ली में सोने के दाम में गिरावट
दिल्ली में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में ₹900 की गिरावट आई और यह ₹1,47,400 प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गया।
इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में सोना ₹1,48,300 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
कमजोर वैश्विक संकेतों और भारतीय रुपये में मजबूती के चलते सोमवार को सोने की कीमतें सीमित दायरे में कारोबार करती रहीं।

चांदी की कीमतों में तेजी
जहां सोने में गिरावट आई, वहीं चांदी की कीमतों में बढ़त देखने को मिली।
चांदी की कीमत ₹1,800 बढ़कर ₹2,26,500 प्रति किलोग्राम हो गई।
पिछले सत्र में चांदी ₹2,24,700 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, कमजोर अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने चांदी को समर्थन दिया, जिससे निवेशकों की खरीदारी बढ़ी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी का हाल
वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं में हल्की बढ़त देखने को मिली।
स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ करीब 4,048.89 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
स्पॉट सिल्वर बढ़कर लगभग 57.97 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने को नई खरीदारी का मजबूत समर्थन नहीं मिल रहा है, जिसके कारण तेजी सीमित बनी हुई है।
सोने की कीमतों पर क्यों बना दबाव?
सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण रहे:
भारतीय रुपये में मजबूती: रुपये के मजबूत होने से आयातित सोने की लागत कम होती है और घरेलू कीमतों पर दबाव आता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में धीमा कारोबार: वैश्विक स्तर पर निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
नई खरीदारी की कमी: ऊंची कीमतों के कारण निवेशक बड़े सौदे करने से बच रहे हैं।
अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का इंतजार: बाजार इस सप्ताह आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर नजर रख रहा है।
डॉलर में कमजोरी का असर
अमेरिकी डॉलर में कमजोरी ने सोने और चांदी को कुछ समर्थन दिया। जापान द्वारा येन को मजबूत करने के लिए किए गए हस्तक्षेप से डॉलर इंडेक्स पर असर पड़ा।
अमेरिका में वास्तविक बॉन्ड यील्ड अभी भी ऊंची बनी हुई है, जिसके कारण सोने में बड़ी तेजी देखने को नहीं मिल रही है।
आगे किन आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस सप्ताह आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़े सोने और चांदी की दिशा तय कर सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
ISM मैन्युफैक्चरिंग डेटा
JOLTs जॉब ओपनिंग्स
ISM सर्विसेज डेटा
ADP रोजगार परिवर्तन रिपोर्ट
नॉन-फार्म पेरोल डेटा
इन आंकड़ों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था और ब्याज दरों को लेकर बाजार की धारणा प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ेगा।
