Gold and Silver Rates- चांदी के में आई गिरावट, तो सोने ने दिखाए अपने तेवर

 
Gold and Silver Rates – Silver prices dipped, while gold flexed its muscles.

दोस्तो मीडिल ईस्ट में चल रहे भू विवाद की वजह से न केवल कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी हुई है, बल्कि सोने और चांदी के भाव में तेजी हुई हैं, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबार में सोने में तो रिकवरी दिखी, लेकिन चांदी पर दबाव बना रहा। जानकारों का मानना ​​है यह सब कच्चे तेल के महंगा होने से हो रहा हैं,

Gold and Silver Rates – Silver prices dipped, while gold flexed its muscles.

MCX पर अगस्त डिलीवरी के लिए सोने के फ्यूचर्स में शुरुआती कारोबार में 0.26% की बढ़त हुई।

सोना लगभग ₹1,40,718 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था।

चांदी के फ्यूचर्स में 0.23% की गिरावट आई और यह लगभग ₹2,15,512 प्रति किलोग्राम पर आ गई।

पिछले ट्रेडिंग सेशन में सोना लगभग 1% गिरा था, जबकि चांदी में करीब 2% की गिरावट आई थी।

ग्लोबल स्तर पर सोने की कीमतों पर दबाव

इस हफ्ते ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में 3% से ज्यादा की गिरावट आई है।

यह मेटल पिछले छह हफ्तों में अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहा है।

कमजोर ग्लोबल इकोनॉमिक इंडिकेटर्स और कम मांग ने कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव डाला है।

ईरान-अमेरिका तनाव सबसे बड़ी चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा जियोपॉलिटिकल विवाद बुलियन मार्केट को प्रभावित करने वाला एक बड़ा फैक्टर बन गया है।

नई सैन्य कार्रवाइयों ने ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बढ़ा दी है।

बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊपर धकेल दिया है।

तेल की ऊंची कीमतों ने ग्लोबल महंगाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं।

निवेशक अब मिडिल ईस्ट में आगे होने वाली घटनाओं पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।

Gold and Silver Rates – Silver prices dipped, while gold flexed its muscles.

ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदों का सोने पर असर

जानकारों का मानना ​​है कि महंगाई की चिंताएं अमेरिकी फेडरल रिजर्व को सख्त मॉनेटरी पॉलिसी बनाए रखने के लिए मजबूर कर सकती हैं।

ज्यादा महंगाई से भविष्य में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।

ब्याज दरें बढ़ने से आमतौर पर सोने का आकर्षण कम हो जाता है।

निवेशक सरकारी बॉन्ड जैसे ब्याज देने वाले एसेट्स की ओर अपना पैसा लगाने लगते हैं।

चूंकि सोने से रेगुलर ब्याज इनकम नहीं मिलती, इसलिए ब्याज दरें बढ़ने के समय इसकी मांग अक्सर कम हो जाती है।

मिडिल ईस्ट विवाद से मार्केट में उतार-चढ़ाव बढ़ा

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन तेज कर दिए हैं।

ईरान ने भी इस क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है। लगातार चल रहे टकराव की वजह से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट का डर बढ़ गया है।

माना जा रहा है कि जियोपॉलिटिकल हालात को लेकर अनिश्चितता के कारण फाइनेंशियल मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

सोने और चांदी पर एनालिस्ट की राय

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि बुलियन मार्केट पर अभी कई ग्लोबल फैक्टर्स का असर दिख रहा है।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई की चिंताएं बढ़ रही हैं।

जियोपॉलिटिकल रिस्क से 'सेफ-हेवन' (सुरक्षित निवेश) के तौर पर इनकी मांग तो बनी हुई है, लेकिन साथ ही सख्त मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदें भी मजबूत हो रही हैं।

मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ने पर सोने, चांदी और एनर्जी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव आ सकता है।

डॉलर की मजबूती का कीमती धातुओं पर भी दबाव

बुलियन की कीमतों पर असर डालने वाला एक और अहम फैक्टर मजबूत अमेरिकी डॉलर है।

डॉलर इंडेक्स बढ़कर लगभग 100.78 पर पहुंच गया।

डॉलर के मजबूत होने से इंटरनेशनल खरीदारों के लिए सोना और चांदी महंगे हो जाते हैं।

इससे अक्सर विदेशी मांग कम हो जाती है और कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव पड़ता है।

कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं

कच्चे तेल की कीमतें $85 प्रति बैरल के आसपास चल रही हैं।

एनर्जी की ऊंची कीमतों से ग्लोबल मार्केट में महंगाई की चिंताएं बनी हुई हैं।

आने वाले समय में कच्चे तेल की चाल सोने और चांदी की कीमतों पर असर डालने वाला अहम फैक्टर बनी रहेगी।

इन्वेस्टर्स को आगे किन बातों पर नज़र रखनी चाहिए?

ईरान-अमेरिका टकराव में आगे क्या होता है।

US फेडरल रिजर्व की पॉलिसी को लेकर क्या रुख रहता है।

कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव।

डॉलर इंडेक्स का ट्रेंड।

ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा, जिसका बुलियन की मांग पर असर पड़ सकता है।

जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता, महंगाई की चिंता और अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव का मार्केट सेंटीमेंट पर असर बना हुआ है, इसलिए आने वाले ट्रेडिंग सेशन में सोने और चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव रहने की उम्मीद है।