Gold Silver Price Today: सोना और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल, एक्सपर्ट बोले- अब आएगी तूफानी तेजी
दोस्तो हमने पिछले कुछ महीनों में देखा हैं कि सोने और चांदी की कीमतों में उतार चढाव आ रहा हैं, नए ट्रेडिंग हफ़्ते की शुरुआत में सोने और चांदी की कीमतों में ज़बरदस्त उछाल आया है। ग्लोबल डिमांड में बढ़ोतरी, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक संकेत और फिर से खरीदारी में दिलचस्पी ने घरेलू और विदेशी बाज़ारों में इन दोनों कीमती धातुओं की कीमतों को काफी ऊपर पहुंचा दिया है। आइए जानते हैं आज के सोने और चांदी के भाव क्या हैं-

5 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट में ज़बरदस्त तेज़ी देखी गई, जिसमें सोने और चांदी दोनों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।
कोमेक्स (Comex) मार्केट में सोने की कीमतों में लगभग 1.85% की बढ़ोतरी हुई।
ट्रेडिंग के दौरान सोना $4,277 प्रति औंस के स्तर को पार कर गया।
चांदी में भी ज़बरदस्त खरीदारी का रुझान देखा गया।
चांदी की कीमतों में लगभग 3.03% का उछाल आया और यह $62.07 प्रति औंस से ऊपर ट्रेड कर रही थी।
यह तेज़ी ग्लोबल मार्केट की गतिविधियों के बीच कीमती धातुओं में निवेशकों के नए सिरे से भरोसे को दिखाती है।
हाल के दिनों में सोने में एक ही सेशन में सबसे बड़ी बढ़त देखी गई।
सोने में लगभग $74.90 प्रति औंस की बढ़त हुई।
सेशन के दौरान और ऊपर जाने से पहले कीमतें $4,227.50 प्रति औंस के स्तर को पार कर गईं।
ग्लोबल निवेशकों की लगातार खरीदारी ने इस भारी बढ़ोतरी को सहारा दिया।

भारत में MCX पर सोने की कीमतें बढ़ीं
घरेलू बुलियन मार्केट ने भी ग्लोबल ट्रेंड को फॉलो किया और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतें ऊपर गईं।
सोना लगभग ₹1.45 लाख प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मज़बूत संकेतों और ज़्यादा डिमांड ने घरेलू कीमतों को सहारा दिया।
MCX पर चांदी की कीमतों में भी उछाल
भारतीय बाज़ार में भी चांदी की कीमतों में तेज़ी का रुझान जारी रहा।
MCX पर चांदी की कीमतें लगभग ₹2.26 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंच गईं।
ग्लोबल स्तर पर ज़बरदस्त खरीदारी और बढ़ती इंडस्ट्रियल डिमांड ने कीमतों में बढ़ोतरी में योगदान दिया।
सोने और चांदी की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
कीमती धातुओं में हालिया तेज़ी के पीछे कई कारण हैं:
अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में ज़बरदस्त खरीदारी।
निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल।
हालिया गिरावट के बाद रिकवरी।
ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितता के कारण सुरक्षित निवेश (safe-haven investments) को बढ़ावा मिलना।
