Gold and Silver Price- सोना और चांदी की रेट्स टूटी, क्या है आपके शहर में भाव
दोस्तो सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए खुशखबरी हैं, दोनो ही महंगी धातुओं के कीमतें नीचे गिर रही हैं, सप्ताह की शुरुआत में गिरावट के बाद अब 2 सितंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। आइए जानते हैं क्या हैं क्या हैं सोने और चांदी के भाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में Gold और Silver की कीमत गिरी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट देखी गई। रिपोर्ट लिखे जाने के समय सोने की कीमत 1.28 फीसदी गिरकर 4,340.20 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई थी।
वहीं, चांदी की कीमत में 1.78 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 64.250 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में होने वाला यह बदलाव घरेलू बाजार में भी कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित कर सकता है।
घरेलू बाजार में भी सोना-चांदी सस्ता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट का असर भारतीय बाजार में भी देखने को मिला। घरेलू कमोडिटी मार्केट यानी MCX पर सोने और चांदी दोनों के भाव नीचे आए।
रिपोर्ट लिखे जाने तक MCX पर सोने की कीमत में करीब ₹1,825 की गिरावट दर्ज की गई और यह ₹1,49,904 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था।
वहीं, चांदी की कीमत करीब ₹2,32,201 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी।
24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट Gold का भाव
24 कैरेट सोना: करीब ₹1,50,360 प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना: करीब ₹1,37,830 प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट सोना: करीब ₹1,12,770 प्रति 10 ग्राम

चांदी: करीब ₹2,31,830 प्रति किलोग्राम
ध्यान रखें कि ये बाजार भाव समय के साथ बदल सकते हैं। आभूषण खरीदते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ने के कारण अंतिम कीमत अलग हो सकती है।
Gold खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
खरीदारी से पहले उस दिन का ताजा भाव जरूर चेक करें।
सोने की शुद्धता और हॉलमार्क की जांच करें।
आभूषण का मेकिंग चार्ज कितना है, यह पहले पूछ लें।
बिल में सोने का वजन, शुद्धता और अन्य शुल्क स्पष्ट रूप से दर्ज करवाएं।
अलग-अलग ज्वेलर्स के रेट और मेकिंग चार्ज की तुलना करें।
निवेश के लिए खरीदारी कर रहे हैं तो बाजार में चल रहे उतार-चढ़ाव को भी ध्यान में रखें।
क्यों जरूरी है Gold-Silver Rate पर नजर रखना?
सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की कीमत, कच्चे तेल, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और निवेशकों की मांग जैसे कई कारकों से प्रभावित होती हैं। इसलिए इनके भाव एक दिन से दूसरे दिन तक तेजी से बदल सकते हैं।
