FASTag Tips- अब बिना FASTag वाली गाड़ियों को कहां मिलेगी सीधी एंट्री, NHAI का ये है प्लान

 
FASTag Tips- अब बिना FASTag वाली गाड़ियों को कहां मिलेगी सीधी एंट्री, NHAI का ये है प्लान दोस्तो हम अक्सर अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को उनकी यात्रा के लिए एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन छोड़ने जाते हैं, जहां आपको फास्टैग न होने पर परेशानी का सामना करना पड़ता हैं, तो टर्मिनल 3 पर फास्टैग (FASTag) से जुड़ा एक अहम अपडेट आपकी यात्रा पर असर डाल सकता है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इस मामले में दखल दिया है, क्योंकि ऐसी शिकायतें मिली थीं कि जिन गाड़ियों में एक्टिव फास्टैग नहीं था या जिनमें बैलेंस कम था, उन्हें अराइवल लेन (arrival lane) में जाने में दिक्कत आ रही थी। अथॉरिटी ने IDFC बैंक और एयरपोर्ट की पार्किंग व्यवस्था से जुड़े अन्य बैंकों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि फास्टैग का इस्तेमाल सिर्फ पेमेंट के लिए हो, न कि गाड़ियों की एंट्री रोकने के लिए। 1. एक्टिव फास्टैग न होने पर गाड़ियों को दिक्कतें आईं शिकायतों के अनुसार, जिन गाड़ियों में एक्टिव फास्टैग था, उन्हें टर्मिनल 3 की अराइवल लेन में जाने दिया जा रहा था। वहीं, जिन गाड़ियों में एक्टिव फास्टैग नहीं था या बैलेंस कम था, उन्हें रोका जा रहा था इससे उन लोगों को काफी परेशानी हुई जो यात्रियों को लेने या छोड़ने के लिए एयरपोर्ट आए थे। 2. गाड़ियों को मल्टी-लेवल पार्किंग की तरफ भेजा गया जिन गाड़ियों में एक्टिव फास्टैग नहीं था, उन्हें एयरपोर्ट की मल्टी-लेवल कार पार्किंग की तरफ भेज दिया जा रहा था। इससे उन ड्राइवरों को दिक्कत हुई जो अराइवल लेन में बस कुछ देर के लिए रुकना चाहते थे। इस वजह से, कुछ ड्राइवरों को तय फ्री समय-सीमा से ज्यादा देर तक रुकने का खतरा हो गया, जिससे उन पर अतिरिक्त शुल्क (charges) लग सकता था। 3. NHAI ने फास्टैग का असली मकसद साफ किया शिकायतों के बाद NHAI ने मामले में दखल दिया और एयरपोर्ट पर काम कर रहे IDFC बैंक तथा पार्किंग सिस्टम से जुड़े अन्य बैंकों के साथ बातचीत की। अथॉरिटी ने साफ किया कि फास्टैग का मकसद इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट (खासकर टोल पेमेंट) को आसान बनाना है। इसका इस्तेमाल अराइवल लेन में गाड़ियों की एंट्री रोकने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। 4. आठ मिनट के 'ग्रेस पीरियड' (छूट के समय) के बारे में जानें  दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर यात्रियों को लेने या छोड़ने के लिए अराइवल लेन में रुकने वाली गाड़ियों को आठ मिनट का 'ग्रेस पीरियड' (छूट का समय) मिलता है। अगर कोई गाड़ी इस तय समय से ज्यादा देर तक रुकती है, तो उस पर शुल्क लग सकता है। इसलिए, ड्राइवरों को चाहिए कि वे बेवजह देरी न करें और एयरपोर्ट के ट्रैफिक और रुकने से जुड़े नियमों का पालन करें।  5. NHAI ने बैंकों को निर्देश जारी किए इस समस्या को दूर करने के लिए, NHAI ने IDFC बैंक और पार्किंग सुविधा से जुड़े अन्य बैंकों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि FASTag का इस्तेमाल केवल भुगतान के लिए ही हो, न कि प्रवेश को नियंत्रित करने या रोकने की शर्त के रूप में। इस कदम का उद्देश्य यात्रियों और उनके परिवारों को होने वाली असुविधा को कम करना है, साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि हवाई अड्डे के पार्किंग और ट्रैफिक नियमों का पालन होता रहे।

दोस्तो हम अक्सर अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को उनकी यात्रा के लिए एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन छोड़ने जाते हैं, जहां आपको फास्टैग न होने पर परेशानी का सामना करना पड़ता हैं, तो टर्मिनल 3 पर फास्टैग (FASTag) से जुड़ा एक अहम अपडेट आपकी यात्रा पर असर डाल सकता है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इस मामले में दखल दिया है, क्योंकि ऐसी शिकायतें मिली थीं कि जिन गाड़ियों में एक्टिव फास्टैग नहीं था या जिनमें बैलेंस कम था, उन्हें अराइवल लेन (arrival lane) में जाने में दिक्कत आ रही थी।

अथॉरिटी ने IDFC बैंक और एयरपोर्ट की पार्किंग व्यवस्था से जुड़े अन्य बैंकों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि फास्टैग का इस्तेमाल सिर्फ पेमेंट के लिए हो, न कि गाड़ियों की एंट्री रोकने के लिए।

FASTag Tips: Where will vehicles without a FASTag be allowed direct entry now? Here is the NHAI's plan.

1. एक्टिव फास्टैग न होने पर गाड़ियों को दिक्कतें आईं

शिकायतों के अनुसार, जिन गाड़ियों में एक्टिव फास्टैग था, उन्हें टर्मिनल 3 की अराइवल लेन में जाने दिया जा रहा था। वहीं, जिन गाड़ियों में एक्टिव फास्टैग नहीं था या बैलेंस कम था, उन्हें रोका जा रहा था

इससे उन लोगों को काफी परेशानी हुई जो यात्रियों को लेने या छोड़ने के लिए एयरपोर्ट आए थे।

2. गाड़ियों को मल्टी-लेवल पार्किंग की तरफ भेजा गया

जिन गाड़ियों में एक्टिव फास्टैग नहीं था, उन्हें एयरपोर्ट की मल्टी-लेवल कार पार्किंग की तरफ भेज दिया जा रहा था। इससे उन ड्राइवरों को दिक्कत हुई जो अराइवल लेन में बस कुछ देर के लिए रुकना चाहते थे।

इस वजह से, कुछ ड्राइवरों को तय फ्री समय-सीमा से ज्यादा देर तक रुकने का खतरा हो गया, जिससे उन पर अतिरिक्त शुल्क (charges) लग सकता था।

3. NHAI ने फास्टैग का असली मकसद साफ किया

शिकायतों के बाद NHAI ने मामले में दखल दिया और एयरपोर्ट पर काम कर रहे IDFC बैंक तथा पार्किंग सिस्टम से जुड़े अन्य बैंकों के साथ बातचीत की।

अथॉरिटी ने साफ किया कि फास्टैग का मकसद इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट (खासकर टोल पेमेंट) को आसान बनाना है। इसका इस्तेमाल अराइवल लेन में गाड़ियों की एंट्री रोकने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

4. आठ मिनट के 'ग्रेस पीरियड' (छूट के समय) के बारे में जानें

FASTag Tips: Where will vehicles without a FASTag be allowed direct entry now? Here is the NHAI's plan.

दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर यात्रियों को लेने या छोड़ने के लिए अराइवल लेन में रुकने वाली गाड़ियों को आठ मिनट का 'ग्रेस पीरियड' (छूट का समय) मिलता है। अगर कोई गाड़ी इस तय समय से ज्यादा देर तक रुकती है, तो उस पर शुल्क लग सकता है।

इसलिए, ड्राइवरों को चाहिए कि वे बेवजह देरी न करें और एयरपोर्ट के ट्रैफिक और रुकने से जुड़े नियमों का पालन करें।

5. NHAI ने बैंकों को निर्देश जारी किए

इस समस्या को दूर करने के लिए, NHAI ने IDFC बैंक और पार्किंग सुविधा से जुड़े अन्य बैंकों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि FASTag का इस्तेमाल केवल भुगतान के लिए ही हो, न कि प्रवेश को नियंत्रित करने या रोकने की शर्त के रूप में।

इस कदम का उद्देश्य यात्रियों और उनके परिवारों को होने वाली असुविधा को कम करना है, साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि हवाई अड्डे के पार्किंग और ट्रैफिक नियमों का पालन होता रहे।