नौकरी नहीं फिर भी मिलेगा PF का लाभ! फ्रीलांसर, गिग वर्कर्स और दुकानदारों के लिए EPFO तैयार कर रहा नई योजना

 
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EPFO Universal PF Scheme: अगर आप किसी कंपनी में नौकरी नहीं करते, फ्रीलांसर हैं, अपना छोटा कारोबार चलाते हैं या ओला-उबर, जोमैटो, स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म पर गिग वर्कर के रूप में काम करते हैं, तो आने वाले समय में आपको भी कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) जैसी सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सकता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) एक नई यूनिवर्सल पीएफ स्कीम पर काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र और स्वरोजगार से जुड़े करोड़ों लोगों को रिटायरमेंट सुरक्षा उपलब्ध कराना है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह प्रस्ताव सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत तैयार किया जा रहा है। हालांकि, फिलहाल यह योजना प्रस्तावित चरण में है और इसे लागू करने की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।

क्या है यूनिवर्सल PF स्कीम?

वर्तमान में EPF का लाभ मुख्य रूप से उन कर्मचारियों को मिलता है जो ऐसे संस्थानों में कार्यरत हैं, जहां निर्धारित नियमों के अनुसार भविष्य निधि लागू होती है। प्रस्तावित यूनिवर्सल पीएफ स्कीम का उद्देश्य इस दायरे को बढ़ाकर उन लोगों तक पहुंचाना है जो किसी कंपनी के नियमित कर्मचारी नहीं हैं।

इस योजना के लागू होने के बाद फ्रीलांसर, गिग वर्कर्स, सेल्फ-एम्प्लॉयड प्रोफेशनल्स, छोटे दुकानदार, ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक और अन्य असंगठित क्षेत्र के लोग भी अपनी इच्छा से पीएफ खाता खोल सकेंगे।

कैसे काम कर सकती है नई योजना?

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह योजना सेल्फ-फाइनेंसिंग मॉडल पर आधारित हो सकती है। यानी इसमें किसी नियोक्ता (Employer) के योगदान की आवश्यकता नहीं होगी। खाताधारक अपनी आय के अनुसार स्वयं पीएफ खाते में राशि जमा करेंगे।

योजना में योगदान को लेकर भी लचीलापन देने की तैयारी है। लोग अपनी सुविधा के अनुसार मासिक, वार्षिक या अन्य अंतराल पर पैसा जमा कर सकेंगे। इससे अनियमित आय वाले लोगों के लिए भी निवेश करना आसान हो सकता है।

ब्याज और टैक्स लाभ भी मिल सकता है

प्रस्तावित योजना में जमा राशि पर सामान्य EPF खातों की तरह ब्याज मिलने की संभावना जताई गई है। साथ ही, मौजूदा कर नियमों के अनुसार निर्धारित सीमा तक किए गए योगदान पर टैक्स लाभ भी उपलब्ध हो सकता है। हालांकि, अंतिम नियम योजना के अधिसूचित होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

रिटायरमेंट के बाद मिलेगा SWP का विकल्प

रिपोर्ट्स के अनुसार EPFO निकासी व्यवस्था में भी बदलाव पर विचार कर रहा है। इसके तहत खाताधारकों को सिस्टमैटिक विदड्रॉल प्लान (SWP) जैसी सुविधा मिल सकती है।

इस व्यवस्था में रिटायरमेंट के समय पूरा पैसा एक साथ निकालने के बजाय व्यक्ति अपनी जरूरत के अनुसार हर महीने या तय अवधि में राशि प्राप्त कर सकेगा।

इससे रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का विकल्प उपलब्ध हो सकता है, जबकि बाकी जमा राशि EPFO के पास बनी रह सकती है और उस पर ब्याज मिलता रह सकता है।

मौजूदा PF खाताधारकों को भी मिल सकता है फायदा

रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो भविष्य में मौजूदा EPF सदस्यों को भी SWP जैसी सुविधा देने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।

किन लोगों को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ?

यदि यह योजना लागू होती है तो इसका फायदा बड़ी संख्या में स्वरोजगार और असंगठित क्षेत्र से जुड़े लोगों को मिल सकता है। इनमें शामिल हो सकते हैं—

  • फ्रीलांसर

  • गिग वर्कर्स

  • ओला-उबर ड्राइवर

  • जोमैटो और स्विगी डिलीवरी पार्टनर

  • छोटे दुकानदार

  • स्वरोजगार करने वाले लोग

  • ट्यूशन टीचर

  • स्वतंत्र कंसल्टेंट

इन वर्गों के पास अभी संगठित क्षेत्र जैसी रिटायरमेंट सुरक्षा उपलब्ध नहीं होती, इसलिए यह योजना उनके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

सिंगापुर के मॉडल से ली जा रही प्रेरणा

रिपोर्ट्स के अनुसार EPFO इस योजना को तैयार करने के दौरान कई देशों के सामाजिक सुरक्षा मॉडल का अध्ययन कर रहा है। इनमें सिंगापुर के Central Provident Fund (CPF) मॉडल को भी प्रमुख रूप से देखा गया है। इसका उद्देश्य भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप एक ऐसा ढांचा तैयार करना है, जो अधिक से अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध करा सके।

सरकार का क्या है उद्देश्य?

सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 का प्रमुख लक्ष्य अधिक से अधिक नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है। प्रस्तावित यूनिवर्सल पीएफ स्कीम भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों लोगों को भविष्य के लिए सुरक्षित बचत का नया विकल्प मिल सकता है।

निष्कर्ष

EPFO की प्रस्तावित यूनिवर्सल पीएफ स्कीम फ्रीलांसरों, गिग वर्कर्स, छोटे व्यापारियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। सेल्फ-कॉन्ट्रिब्यूशन, ब्याज, संभावित टैक्स लाभ और SWP जैसी सुविधाएं इसे आकर्षक बना सकती हैं। हालांकि, यह योजना अभी प्रस्तावित चरण में है और इसके नियम, पात्रता तथा लागू होने की तारीख को लेकर EPFO या सरकार की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार किया जा रहा है। इसलिए योजना से जुड़ी किसी भी जानकारी को अंतिम मानने से पहले आधिकारिक घोषणा पर नजर रखना जरूरी है।

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