eMudhra Update- ई मुद्रा को लेकर सरकार हुई सख्त, सिक्योरिटी के लिए बनाई गई स्पेशल टीम
दोस्तो जो लोग ई-मुद्रा में निवेश करते हैं, करने वाले हैं, उनके लिए यह खबर बहुत ही जरूरी हैं, क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने ई-मुद्रा (eMudhra) से जुड़ी सुरक्षा घटना को गंभीरता से लिया है और मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारतीय वेबसाइटों और एप्लिकेशन पर इसका असर सीमित था और यह बहुत कम समय के लिए रहा। आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स

ई-मुद्रा सुरक्षा घटना के मुख्य बिंदु
- MeitY ने सुरक्षा घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम बनाई है।
- यह मामला वेबसाइट सुरक्षा सर्टिफिकेट से जुड़ा है, न कि ई-मुद्रा की DSC और ई-साइन सेवाओं से।
- सरकार का कहना है कि भारतीय वेबसाइटों और ऐप्स पर इसका असर सीमित था और यह कुछ समय के लिए ही रहा।
- CERT-In ने संभावित जोखिमों को कम करने में मदद के लिए एक सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।
- जांच पूरी होने के बाद इस बारे में और अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है।
ई-मुद्रा क्या है?
ई-मुद्रा भारत में एक लाइसेंस प्राप्त 'सर्टिफाइंग अथॉरिटी' है, जो डिजिटल ट्रस्ट और सुरक्षा सेवाएं प्रदान करती है। इसकी सेवाओं में डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट, ई-साइन सेवाएं और SSL/TLS सर्टिफिकेट शामिल हैं, जिनका उपयोग वेबसाइटों और ऑनलाइन संचार को सुरक्षित बनाने के लिए किया जाता है।

इसकी सेवाएं मुख्य रूप से दो श्रेणियों में आती हैं:
1. डिजिटल सिग्नेचर और ई-साइन सेवाएं:
ये सेवाएं उपयोगकर्ताओं और संगठनों को दस्तावेजों को प्रमाणित करने और इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर करने की सुविधा देती हैं। इन्हें 'कंट्रोलर ऑफ सर्टिफाइंग अथॉरिटीज' (CCA) द्वारा नियंत्रित किया जाता है, जो MeitY के अंतर्गत काम करता है।
2. वेबसाइट सुरक्षा सर्टिफिकेट:
ये सर्टिफिकेट ब्राउज़र को किसी वेबसाइट की पहचान सत्यापित करने और सुरक्षित कनेक्शन स्थापित करने में मदद करते हैं। इन्हें जारी करते समय सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं और उद्योग के मानकों का पालन किया जाता है।
सरकार के अनुसार, यह घटना दूसरी श्रेणी—यानी वेबसाइट सुरक्षा सर्टिफिकेट—से जुड़ी है।
