Electricity Bill- क्या आपके घर का बिजली बिल ज्यादा बढ़ गया है, तो अपनाए ये ट्रिक
दोस्तो बिजली विभाग ने हाल ही में सम्पूर्ण देश में सामान्य बिजली मीटर की जगह स्मार्टमीटर लगाए हैं, जो सुविधाजनक हैं, लेकिन ये बिजली मीटर अचानक तेज चलने लगा है, गलत रीडिंग दे रहा है या डिस्प्ले में खराबी आ गई है, तो आप इसकी जांच के लिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मीटर की जांच के लिए निर्धारित शुल्क लिया जा सकता है। हालांकि, जांच में मीटर खराब या दोषपूर्ण पाए जाने पर नया मीटर मुफ्त लगाया जाता है और टेस्टिंग फीस भी वापस/अगले बिल में समायोजित की जाती है।

मीटर खराब होने पर क्या करें?
मीटर सामान्य से बहुत तेज चल रहा है।
बिजली की खपत के मुकाबले रीडिंग असामान्य रूप से ज्यादा आ रही है।
मीटर का डिस्प्ले ठीक से काम नहीं कर रहा है।
मीटर की रीडिंग बार-बार बदल रही है या गलत दिखाई दे रही है।
मीटर में तकनीकी खराबी दिखाई दे रही है।

आवेदन में मीटर की समस्या स्पष्ट रूप से लिखें, जैसे:
मीटर तेज चल रहा है।
रीडिंग में गड़बड़ी है।
डिस्प्ले खराब है।
मीटर में अन्य तकनीकी समस्या है।
इसके साथ आम तौर पर नवीनतम बिजली बिल की कॉपी, उपभोक्ता का पहचान प्रमाण और मीटर स्क्रीन की स्पष्ट फोटो लगानी चाहिए। फोटो में वर्तमान मीटर रीडिंग और kW लोड दिखाई देना चाहिए।
Meter Testing के बाद क्या होता है?
शिकायत दर्ज होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत मीटर की जांच की जाती है। इसके लिए करीब ₹100 से ₹200 तक की टेस्टिंग फीस लागू हो सकती है।
इसके बाद तकनीकी टीम आपके परिसर पर आकर:
चेक मीटर लगा सकती है, या
मौजूदा मीटर को निकालकर लैब टेस्टिंग के लिए भेज सकती है।
यदि जांच में मीटर दोषपूर्ण पाया जाता है, तो नया मीटर बिना अतिरिक्त मीटर लागत के लगाया जाता है और जमा की गई टेस्टिंग फीस को अगले बिल में समायोजित/वापस किया जा सकता है।
