Electricity Bill- क्या बार बार पंखा ऑन-ऑफ करने बिजली बिल पर पढ़ता हैं असर, जानिए पूरा सच
दोस्तो देश में बढ़ती बिजली की किमतों ने लोगों की हालत खराब कर रखी हैं, इसे कम करने के लिए लोग बड़ जतन करते हैं, कुछ लोग कमरे से बाहर निकलते ही पंखा और लाइट बंद कर देते हैं, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि बार-बार स्विच ऑन-ऑफ करने से ज्यादा बिजली खर्च होती है। इसी तरह AC, फ्रिज, चार्जर और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को लेकर भी कई तरह की गलतफहमियां हैं।आइए जानते हैं बिजली बचाने के सही तरीके।

पंखा और लाइट बार-बार बंद करने से ज्यादा बिजली खर्च होती है?
यह एक आम धारणा है कि पंखे या लाइट को बार-बार बंद और चालू करने से बिजली की खपत बढ़ जाती है। सामान्य घरेलू इस्तेमाल में यह बात सही नहीं है।
जब पंखा या लाइट बंद होती है, तो वह बिजली की खपत नहीं करती। स्विच ऑन करते समय बहुत कम समय के लिए मामूली अतिरिक्त बिजली की खपत हो सकती है, लेकिन यह इतनी कम होती है कि इसके डर से पंखा या लाइट चालू छोड़ना फायदेमंद नहीं है।
इसलिए कमरे में कोई मौजूद नहीं है या रोशनी और पंखे की जरूरत नहीं है, तो उन्हें बंद कर देना ही बेहतर है।
क्या पंखे की स्पीड कम करने से हमेशा बिजली बचेगी?
पंखे की बिजली खपत उसकी मोटर, रेगुलेटर और तकनीक पर निर्भर करती है। पुराने पंखों में पारंपरिक रेगुलेटर का इस्तेमाल होने पर स्पीड कम करने के बावजूद कुछ ऊर्जा गर्मी के रूप में बर्बाद हो सकती है।
वहीं, आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक रेगुलेटर और बेहतर ऊर्जा दक्षता वाले पंखों में स्थिति अलग हो सकती है।
इसलिए केवल पंखे की स्पीड कम करना ही बिजली बचाने का एकमात्र तरीका नहीं है। जरूरत के अनुसार स्पीड रखना और ऊर्जा-कुशल पंखे का इस्तेमाल करना ज्यादा उपयोगी हो सकता है।

क्या चार्जर को प्लग में लगा छोड़ने से बिजली खर्च होती है?
मोबाइल चार्जर या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को प्लग में लगा छोड़ने पर कुछ मामलों में बहुत कम standby या no-load power खर्च हो सकती है। आधुनिक और अच्छी गुणवत्ता वाले चार्जर में यह खपत आमतौर पर काफी कम होती है।
हालांकि, घर में कई चार्जर, टीवी, सेट-टॉप बॉक्स और दूसरे उपकरण लंबे समय तक स्टैंडबाय पर लगे रहें, तो उनकी छोटी-छोटी खपत मिलकर कुल बिजली उपयोग बढ़ा सकती है।
इसलिए जिन उपकरणों की लंबे समय तक जरूरत नहीं है, उन्हें पूरी तरह बंद करना बेहतर आदत है।
बिजली का बिल कम करने के आसान तरीके
बिजली बचाने के लिए किसी एक खास ट्रिक पर निर्भर रहने के बजाय रोजमर्रा की आदतों में छोटे बदलाव करना ज्यादा प्रभावी हो सकता है।
कमरे से बाहर निकलते समय लाइट और पंखा बंद करें।
जरूरत न होने पर AC बंद रखें।
AC का तापमान जरूरत के अनुसार रखें और दरवाजे-खिड़कियां ठीक से बंद रखें।
पुराने बल्बों की जगह LED बल्ब इस्तेमाल करें।
ऊर्जा-कुशल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को प्राथमिकता दें।
टीवी, कंप्यूटर और दूसरे उपकरणों को लंबे समय तक स्टैंडबाय मोड में न छोड़ें।
इस्तेमाल के बाद चार्जर और अन्य अनावश्यक उपकरणों को प्लग से निकाल दें।
जरूरत के हिसाब से पंखे की स्पीड रखें।
पुराने और ज्यादा बिजली खपत करने वाले उपकरणों की जगह बेहतर ऊर्जा दक्षता वाले मॉडल पर विचार करें।
सबसे जरूरी बात
बिजली बचाने का सबसे आसान नियम है—जिस उपकरण की जरूरत नहीं है, उसे बंद कर दें।
पंखे या लाइट को बार-बार बंद करने से होने वाली मामूली शुरुआती बिजली खपत की चिंता में उन्हें घंटों चालू छोड़ना बिजली बचाने का सही तरीका नहीं है। रोजाना की छोटी-छोटी बचत लंबे समय में बिजली की कुल खपत और बिल, दोनों को कम करने में मदद कर सकती है।
