Diwali Special- उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा ऐलान, दिवाली पर फ्री सिलेंडर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मुफ्त साड़ी
उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मदद के लिए बड़ी घोषणा की हैं, शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए दो मुफ़्त LPG सिलेंडर रिफिल को मंज़ूरी दी। साथ ही, राज्य भर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को हर साल एक अतिरिक्त साड़ी देने का भी फ़ैसला किया गया।
इन फ़ैसलों से घरेलू खर्चों में राहत मिलने, खाना पकाने के लिए साफ़ ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने और ज़मीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं को अतिरिक्त मदद मिलने की उम्मीद है।

1. उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए दो मुफ़्त LPG सिलेंडर रिफिल
उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों के लिए दो मुफ़्त LPG सिलेंडर रिफिल को मंज़ूरी दी है।
इस पहल का मकसद आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों, खासकर खाना पकाने के लिए LPG पर निर्भर महिलाओं को आर्थिक राहत देना है।
योजना की मुख्य बातें:
फ़ायदा: वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान हर पात्र लाभार्थी को दो मुफ़्त LPG सिलेंडर रिफिल।
पहला चरण: अक्टूबर से दिसंबर 2026।
दूसरा चरण: जनवरी से मार्च 2027।
अनुमानित सरकारी खर्च: ₹2,142.78 करोड़।
योग्यता: लाभार्थियों के पास आधार से जुड़ा बैंक खाता होना चाहिए और उन्हें ज़रूरी आधार प्रमाणीकरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
इन दो चरणों का समय ऐसा रखा गया है जिससे त्योहारों के मौसम और उसके बाद के महीनों में राहत मिल सके, जब घरेलू खर्च बढ़ सकते हैं।
इस योजना का मकसद खाना पकाने के लिए साफ़ ईंधन के इस्तेमाल को लगातार बढ़ावा देना और पारंपरिक तरीकों से निकलने वाले हानिकारक धुएं के संपर्क में आने को कम करना भी है।
2. आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए हर साल एक अतिरिक्त साड़ी
एक और अहम फ़ैसले में, राज्य कैबिनेट ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को हर साल एक अतिरिक्त साड़ी देने को मंज़ूरी दी।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस पहल से उत्तर प्रदेश भर में काम कर रही लगभग 3,80,290 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को फ़ायदा होगा। ये महिलाएँ 1,90,145 मंज़ूरशुदा आंगनवाड़ी केंद्रों पर तैनात हैं और समुदायों तक पोषण, बच्चों की देखभाल और दूसरी ज़रूरी सेवाएँ पहुँचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

फ़ैसले की मुख्य बातें:
फ़ायदा पाने वाले: 3,80,290 आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर।
अतिरिक्त फ़ायदा: हर साल एक अतिरिक्त साड़ी।
एक साड़ी की कीमत: ₹500।
कुल अनुमानित खर्च: लगभग ₹19.02 करोड़।
अभी, आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर को केंद्र और राज्य सरकारों के बीच 60:40 के अनुपात में लागत-साझाकरण व्यवस्था के तहत हर साल दो साड़ियाँ मिलती हैं। नई मंज़ूर की गई व्यवस्था से उन्हें हर साल एक अतिरिक्त साड़ी मिलेगी।
इस फ़ैसले में उनके काम की प्रकृति, अक्सर फ़ील्ड पर जाने, बदलते मौसम और काम के दौरान पहने जाने वाले कपड़ों को धोने और उनकी देखभाल करने में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को ध्यान में रखा गया है।
3. महिलाओं और परिवारों के लिए इन फ़ैसलों का क्या मतलब है?
दोनों फ़ैसले महिलाओं और आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों को व्यावहारिक मदद देने पर केंद्रित हैं।
खाना पकाने के खर्च से राहत: उम्मीद है कि दो मुफ़्त LPG रिफ़िल से पात्र उज्ज्वला परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा।
साफ़ ईंधन को बढ़ावा: इस फ़ायदे से परिवारों को पारंपरिक ठोस ईंधन के बजाय LPG का इस्तेमाल जारी रखने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।
आंगनवाड़ी वर्करों के लिए मदद: एक अतिरिक्त साड़ी से महिलाओं को काम के दौरान पहने जाने वाले कपड़ों की ज़रूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
ज़मीनी स्तर की सेवाओं को मान्यता: यह फ़ैसला आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों के लिए मदद बेहतर बनाने पर सरकार के फ़ोकस को दिखाता है, जो समुदाय के स्तर पर ज़रूरी सेवाएँ पहुँचाते हैं।
