Diesel and Petrol Price- पेट्रोल और डीजल पर इस टैक्स के कम होने से ग्राहक को मिली राहत, जानिए नई रेट्स

 
Diesel and Petrol Price- पेट्रोल और डीजल पर इस टैक्स के कम होने से ग्राहक को मिली राहत, जानिए नई रेट्स दोस्तो आज से अक्टूबर शुरु हो गया हैं, लेकिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ हैं, केंद्र सरकार ने डीजल और एटीएफ के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में कटौती जरूर की है, लेकिन इसका असर घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल-डीजल के दाम पर नहीं पड़ा है।  दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर तेल कंपनियों द्वारा 1 अक्टूबर को जारी किए गए नए रेट के अनुसार, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल: ₹102.12 प्रति लीटर  दिल्ली में डीजल: ₹95.20 प्रति लीटर  पोर्ट ब्लेयर में पेट्रोल: ₹88.66 प्रति लीटर  पोर्ट ब्लेयर में डीजल: ₹84.56 प्रति लीटर  चित्तूर, आंध्र प्रदेश में पेट्रोल: ₹118.34 प्रति लीटर  चित्तूर में डीजल: ₹106.06 प्रति लीटर  इस तरह पोर्ट ब्लेयर में पेट्रोल सबसे सस्ता और चित्तूर में सबसे महंगा पेट्रोल बताया गया है। डीजल निर्यात पर विंडफॉल टैक्स में ₹4 की कटौती केंद्र सरकार ने 1 अक्टूबर से अगले पखवाड़े के लिए डीजल निर्यात पर लगने वाले संयुक्त शुल्क में कटौती की है। Special Additional Excise Duty (SAED) और Road and Infrastructure Cess को मिलाकर डीजल निर्यात पर अब ₹16 प्रति लीटर शुल्क लगेगा, जो पहले ₹20 प्रति लीटर था। वहीं, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर शुल्क ₹15 से घटाकर ₹10.50 प्रति लीटर कर दिया गया है। यानी इसमें ₹4.50 प्रति लीटर की कटौती हुई है। हालांकि, पेट्रोल निर्यात पर लगने वाला शुल्क ₹0.50 प्रति लीटर पर ही बरकरार रखा गया है। घरेलू पेट्रोल-डीजल पर कोई राहत नहीं सरकार के इस फैसले का सीधा लाभ आम वाहन चालकों को नहीं मिलेगा। घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा शुल्क दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसलिए डीजल निर्यात पर टैक्स कम होने के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कटौती नहीं हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव जारी है। गुरुवार सुबह 5:46 बजे के आसपास ब्रेंट क्रूड करीब $97.66 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि WTI क्रूड करीब $89.93 प्रति बैरल पर था। पिछले कारोबारी सत्र में ब्रेंट क्रूड में तेजी देखने को मिली थी, जबकि WTI में मामूली गिरावट दर्ज की गई थी। क्यों लगाया गया था विंडफॉल टैक्स? पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में तेजी के बीच सरकार ने 27 मार्च से डीजल और ATF के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स लगाया था। इसका उद्देश्य घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी से निर्यातकों को होने वाले असाधारण मुनाफे पर नियंत्रण रखना था। इसके बाद सरकार इस टैक्स की दरों की हर पखवाड़े समीक्षा करती रही। बाद में 16 मई से पेट्रोल के निर्यात को भी इस व्यवस्था के दायरे में शामिल किया गया।

दोस्तो आज से अक्टूबर शुरु हो गया हैं, लेकिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ हैं, केंद्र सरकार ने डीजल और एटीएफ के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में कटौती जरूर की है, लेकिन इसका असर घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल-डीजल के दाम पर नहीं पड़ा है।

Diesel and Petrol Prices – Relief for consumers as this tax on petrol and diesel is reduced; check the new rates.

दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर

तेल कंपनियों द्वारा 1 अक्टूबर को जारी किए गए नए रेट के अनुसार, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

दिल्ली में पेट्रोल: ₹102.12 प्रति लीटर

दिल्ली में डीजल: ₹95.20 प्रति लीटर

पोर्ट ब्लेयर में पेट्रोल: ₹88.66 प्रति लीटर

पोर्ट ब्लेयर में डीजल: ₹84.56 प्रति लीटर

चित्तूर, आंध्र प्रदेश में पेट्रोल: ₹118.34 प्रति लीटर

चित्तूर में डीजल: ₹106.06 प्रति लीटर

इस तरह पोर्ट ब्लेयर में पेट्रोल सबसे सस्ता और चित्तूर में सबसे महंगा पेट्रोल बताया गया है।

डीजल निर्यात पर विंडफॉल टैक्स में ₹4 की कटौती

केंद्र सरकार ने 1 अक्टूबर से अगले पखवाड़े के लिए डीजल निर्यात पर लगने वाले संयुक्त शुल्क में कटौती की है। Special Additional Excise Duty (SAED) और Road and Infrastructure Cess को मिलाकर डीजल निर्यात पर अब ₹16 प्रति लीटर शुल्क लगेगा, जो पहले ₹20 प्रति लीटर था।

वहीं, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर शुल्क ₹15 से घटाकर ₹10.50 प्रति लीटर कर दिया गया है। यानी इसमें ₹4.50 प्रति लीटर की कटौती हुई है।

हालांकि, पेट्रोल निर्यात पर लगने वाला शुल्क ₹0.50 प्रति लीटर पर ही बरकरार रखा गया है।

घरेलू पेट्रोल-डीजल पर कोई राहत नहीं

सरकार के इस फैसले का सीधा लाभ आम वाहन चालकों को नहीं मिलेगा। घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा शुल्क दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

इसलिए डीजल निर्यात पर टैक्स कम होने के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कटौती नहीं हुई है।

Diesel and Petrol Prices – Relief for consumers as this tax on petrol and diesel is reduced; check the new rates.

कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव जारी है। गुरुवार सुबह 5:46 बजे के आसपास ब्रेंट क्रूड करीब $97.66 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि WTI क्रूड करीब $89.93 प्रति बैरल पर था।

पिछले कारोबारी सत्र में ब्रेंट क्रूड में तेजी देखने को मिली थी, जबकि WTI में मामूली गिरावट दर्ज की गई थी।

क्यों लगाया गया था विंडफॉल टैक्स?

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में तेजी के बीच सरकार ने 27 मार्च से डीजल और ATF के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स लगाया था। इसका उद्देश्य घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी से निर्यातकों को होने वाले असाधारण मुनाफे पर नियंत्रण रखना था।

इसके बाद सरकार इस टैक्स की दरों की हर पखवाड़े समीक्षा करती रही। बाद में 16 मई से पेट्रोल के निर्यात को भी इस व्यवस्था के दायरे में शामिल किया गया।