Cyber Fraud- त्योहारी सीजन में साइबर फ्रॉड से बचने के लिए अपनाएं ये तरीके, आइए जानें इनके बारे में
दोस्तो अक्टूबर शुरु होने के साथ देश में त्योहारों का सीजन शुरु हो गया हैं, लोग ऑनलाइन शॉपिंग, UPI पेमेंट और डिजिटल ट्रांज़ैक्शन करते हैं, ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म पर डिस्काउंट और कैशबैक ऑफ़र की भरमार होती है, और लोगों को डिलीवरी, रिफ़ंड, बैंक सेवाओं और खास डील्स के बारे में लगातार मैसेज मिलते रहते हैं।
डिजिटल गतिविधियों में इस बढ़ोतरी से साइबर अपराधियों के लिए भी मौके बन जाते हैं। धोखेबाज़ अक्सर लोगों को झाँसा देकर उनकी निजी जानकारी हासिल करने या उनसे धोखाधड़ी से पेमेंट करवाने के लिए फ़र्ज़ी डिस्काउंट, कैशबैक ऑफ़र, रिफ़ंड मैसेज और ज़रूरी लगने वाले नोटिफ़िकेशन का इस्तेमाल करते हैं। आइए जानते हैं इनसे कैसे बचें-

1. त्योहारों के ऑफ़र वाले लिंक पर क्लिक करने से पहले सोचें
"सिर्फ़ आज के लिए," "सीमित कैशबैक" और "अपना इनाम अभी क्लेम करें" जैसे मैसेज का इस्तेमाल अक्सर जल्दबाज़ी का माहौल बनाने के लिए किया जाता है। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले, वेबसाइट का पता ध्यान से देखें और अजीब स्पेलिंग, संदिग्ध URL, अनजान अटैचमेंट या निजी और बैंकिंग जानकारी की माँग जैसी चीज़ों पर ध्यान दें।
2. UPI पेमेंट करते समय बहुत सावधान रहें
त्योहारों की शॉपिंग के मौसम में UPI ट्रांज़ैक्शन काफ़ी बढ़ जाते हैं, और स्कैमर्स इसका फ़ायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। याद रखें कि पैसे पाने के लिए आपको अपना UPI PIN डालने की ज़रूरत नहीं होती है।
पेमेंट करने से पहले:
पाने वाले का नाम ध्यान से देखें।
ट्रांज़ैक्शन मंज़ूर करने से पहले रकम की जाँच करें।
अपना UPI PIN कभी भी किसी के साथ शेयर न करें।
रिफ़ंड या कैशबैक पाने के लिए किसी अनजान QR कोड को स्कैन न करें।
अगर कुछ भी संदिग्ध लगे, तो ट्रांज़ैक्शन रोक दें। अगर आपको पेमेंट के लिए कोई संदिग्ध रिक्वेस्ट मिलती है, तो आगे बढ़ने से पहले कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट या कस्टमर-केयर चैनल के ज़रिए उसकी पुष्टि करें।

3. नकली कस्टमर-केयर और फ़िशिंग मैसेज से सावधान रहें
त्योहारों के समय शॉपिंग की भीड़-भाड़ में लोगों को ज़्यादा ऑर्डर कन्फर्मेशन, डिलीवरी अपडेट, रिफ़ंड नोटिफ़िकेशन और पेमेंट से जुड़े मैसेज मिलते हैं। साइबर अपराधी अक्सर इन आम मैसेज का इस्तेमाल फ़िशिंग स्कैम करने के लिए करते हैं। स्कैमर कस्टमर-केयर एग्जीक्यूटिव बनकर आपसे OTP मांग सकते हैं या कोई रिमोट-एक्सेस ऐप इंस्टॉल करने के लिए कह सकते हैं।
4. हर कॉलर पर भरोसा न करें
ऑनलाइन धोखाधड़ी सिर्फ़ लिंक और मैसेज तक ही सीमित नहीं है। स्कैमर बैंक अधिकारी, डिलीवरी एजेंट, कस्टमर-केयर एग्जीक्यूटिव या दूसरी संस्थाओं के प्रतिनिधि बनकर फ़ोन कॉल भी करते हैं।आपको फ़ोन कॉल पर कभी भी अपना OTP, UPI PIN, कार्ड PIN, CVV, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी शेयर नहीं करनी चाहिए।
