Car Head Light Update- सरकार ला रही हैं गाड़ियों की लाइट को लेकर कड़े नियम, जानिए इनके बारे में

 
Car Head Light Update- सरकार ला रही हैं गाड़ियों की लाइट को लेकर कड़े नियम, जानिए इनके बारे में दोस्तो अगर आप कार चलाते हैं वो भी रात के समय तो आपको एक परेशानी अक्सर होती हैं, हाइवे पर हाई-बीम हेडलाइट, सामने से आने वाले ड्राइवरों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बनती है। अचानक आंखों पर पड़ने वाली तेज रोशनी से कुछ सेकंड के लिए विजिबिलिटी कम हो सकती है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इसी समस्या को कम करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Central Motor Vehicles Rules में बदलाव का प्रस्ताव रखा है।  आइए जानते हैं इसके बारे में-  1. नए दोपहिया वाहनों में ऑटोमैटिक हेडलाइट लो-बीम पर रहेगी मौजूदा व्यवस्था में दोपहिया वाहनों का Automatic Headlight On (AHO) सिस्टम वाहन की सेटिंग के अनुसार लो-बीम या हाई-बीम को सक्रिय कर सकता है। प्रस्तावित नियमों के तहत: नए दोपहिया वाहनों में AHO सक्रिय होने पर हेडलाइट लो-बीम मोड में रहेगी। इसका उद्देश्य सामने से आने वाले वाहन चालकों की आंखों पर पड़ने वाली तेज रोशनी को कम करना है। यह नियम नए निर्मित दोपहिया वाहनों पर लागू होगा। पहले से सड़क पर चल रहे वाहनों पर इसका असर नहीं पड़ेगा। 2. हेडलाइट की अधिकतम रोशनी की सीमा घटाने का प्रस्ताव वाहनों की हेडलाइट से निकलने वाली अत्यधिक रोशनी को नियंत्रित करने के लिए अधिकतम प्रकाश तीव्रता की सीमा कम करने का प्रस्ताव है। प्रस्ताव के अनुसार: दोपहिया वाहनों के लिए सीमा 1.5 लाख कैंडेला से घटाकर 1 लाख कैंडेला की जा सकती है। कारों और अन्य चार पहिया वाहनों के लिए यह सीमा 2.25 लाख से घटाकर 1.5 लाख कैंडेला की जा सकती है। इसका उद्देश्य सामने से आने वाले ड्राइवरों को होने वाली चकाचौंध यानी glare को कम करना है। 3. सफेद रोशनी की चकाचौंध भी होगी कम आजकल कई वाहनों में बहुत तेज और ज्यादा सफेद रोशनी वाली LED हेडलाइट का इस्तेमाल होता है। अधिक कलर टेम्परेचर वाली रोशनी रात में सामने वाले ड्राइवर की आंखों पर ज्यादा glare पैदा कर सकती है। इसे देखते हुए प्रस्ताव में: वाहन की लाइट का अधिकतम कलर टेम्परेचर 6,500K तक सीमित करने का प्रस्ताव है। मुख्य बीम यानी हाई-बीम हेडलाइट की mounting height को लो-बीम हेडलाइट की ऊंचाई के अनुरूप करने का भी प्रस्ताव है। 4. शहर में हाई-बीम इस्तेमाल करने पर मिलेगा अलर्ट नए नियमों में हाई-बीम के अनावश्यक इस्तेमाल को रोकने के लिए स्पीड-सेंसिटिव ऑडियो अलार्म का प्रावधान भी प्रस्तावित है। यदि कोई ड्राइवर: शहर या भीड़भाड़ वाले इलाके में हाई-बीम ऑन करता है, तो वाहन बीप या अलर्ट साउंड के जरिए उसे लो-बीम पर जाने के लिए याद दिला सकता है। हालांकि, हाईवे पर तेज गति से वाहन चलाते समय यह अलार्म सक्रिय नहीं होगा। प्रस्ताव के अनुसार 60 किमी/घंटे से अधिक गति पर हाई-बीम की जरूरत को ध्यान में रखते हुए अलर्ट बंद रखा जा सकता है। 5. ट्रक और बसों पर रिफ्लेक्टिव टेप अनिवार्य हो सकता है रात, कोहरे और खराब मौसम में भारी वाहनों को दूर से पहचानना मुश्किल हो जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए बस, ट्रक और अन्य भारी कमर्शियल वाहनों पर सर्टिफाइड रिफ्लेक्टिव टेप लगाना अनिवार्य किए जाने का प्रस्ताव है। इससे: रात में भारी वाहन दूर से दिखाई देंगे। कोहरे और खराब मौसम में विजिबिलिटी बेहतर होगी। पीछे से आने वाले वाहनों को भारी वाहनों की मौजूदगी पहले पता चल सकेगी। सड़क हादसों के जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी।

दोस्तो अगर आप कार चलाते हैं वो भी रात के समय तो आपको एक परेशानी अक्सर होती हैं, हाइवे पर हाई-बीम हेडलाइट, सामने से आने वाले ड्राइवरों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बनती है। अचानक आंखों पर पड़ने वाली तेज रोशनी से कुछ सेकंड के लिए विजिबिलिटी कम हो सकती है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है।

इसी समस्या को कम करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Central Motor Vehicles Rules में बदलाव का प्रस्ताव रखा है।  आइए जानते हैं इसके बारे में-

headlight

1. नए दोपहिया वाहनों में ऑटोमैटिक हेडलाइट लो-बीम पर रहेगी

मौजूदा व्यवस्था में दोपहिया वाहनों का Automatic Headlight On (AHO) सिस्टम वाहन की सेटिंग के अनुसार लो-बीम या हाई-बीम को सक्रिय कर सकता है।

प्रस्तावित नियमों के तहत:

नए दोपहिया वाहनों में AHO सक्रिय होने पर हेडलाइट लो-बीम मोड में रहेगी।

इसका उद्देश्य सामने से आने वाले वाहन चालकों की आंखों पर पड़ने वाली तेज रोशनी को कम करना है।

यह नियम नए निर्मित दोपहिया वाहनों पर लागू होगा।

पहले से सड़क पर चल रहे वाहनों पर इसका असर नहीं पड़ेगा।

2. हेडलाइट की अधिकतम रोशनी की सीमा घटाने का प्रस्ताव

वाहनों की हेडलाइट से निकलने वाली अत्यधिक रोशनी को नियंत्रित करने के लिए अधिकतम प्रकाश तीव्रता की सीमा कम करने का प्रस्ताव है।

प्रस्ताव के अनुसार:

दोपहिया वाहनों के लिए सीमा 1.5 लाख कैंडेला से घटाकर 1 लाख कैंडेला की जा सकती है।

कारों और अन्य चार पहिया वाहनों के लिए यह सीमा 2.25 लाख से घटाकर 1.5 लाख कैंडेला की जा सकती है।

इसका उद्देश्य सामने से आने वाले ड्राइवरों को होने वाली चकाचौंध यानी glare को कम करना है।

Car Headlight Update – The government is introducing strict regulations regarding vehicle lights; find out more about them.

3. सफेद रोशनी की चकाचौंध भी होगी कम

आजकल कई वाहनों में बहुत तेज और ज्यादा सफेद रोशनी वाली LED हेडलाइट का इस्तेमाल होता है। अधिक कलर टेम्परेचर वाली रोशनी रात में सामने वाले ड्राइवर की आंखों पर ज्यादा glare पैदा कर सकती है।

इसे देखते हुए प्रस्ताव में:

वाहन की लाइट का अधिकतम कलर टेम्परेचर 6,500K तक सीमित करने का प्रस्ताव है।

मुख्य बीम यानी हाई-बीम हेडलाइट की mounting height को लो-बीम हेडलाइट की ऊंचाई के अनुरूप करने का भी प्रस्ताव है।

4. शहर में हाई-बीम इस्तेमाल करने पर मिलेगा अलर्ट

नए नियमों में हाई-बीम के अनावश्यक इस्तेमाल को रोकने के लिए स्पीड-सेंसिटिव ऑडियो अलार्म का प्रावधान भी प्रस्तावित है।

यदि कोई ड्राइवर:

शहर या भीड़भाड़ वाले इलाके में हाई-बीम ऑन करता है,

तो वाहन बीप या अलर्ट साउंड के जरिए उसे लो-बीम पर जाने के लिए याद दिला सकता है।

हालांकि, हाईवे पर तेज गति से वाहन चलाते समय यह अलार्म सक्रिय नहीं होगा। प्रस्ताव के अनुसार 60 किमी/घंटे से अधिक गति पर हाई-बीम की जरूरत को ध्यान में रखते हुए अलर्ट बंद रखा जा सकता है।

5. ट्रक और बसों पर रिफ्लेक्टिव टेप अनिवार्य हो सकता है

रात, कोहरे और खराब मौसम में भारी वाहनों को दूर से पहचानना मुश्किल हो जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए बस, ट्रक और अन्य भारी कमर्शियल वाहनों पर सर्टिफाइड रिफ्लेक्टिव टेप लगाना अनिवार्य किए जाने का प्रस्ताव है।

इससे:

रात में भारी वाहन दूर से दिखाई देंगे।

कोहरे और खराब मौसम में विजिबिलिटी बेहतर होगी।

पीछे से आने वाले वाहनों को भारी वाहनों की मौजूदगी पहले पता चल सकेगी।

सड़क हादसों के जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी।