Aadhaar Card- मास्कड आधार कार्ड क्या हैं, आइए जानते हैं कैसे करता हैं ये काम
दोस्तो जैसा कि हम सब जानते हैं कि आधार कार्ड भारतीयों के लिए एक जरूरी दस्तावेज हैं, जो विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी सेवाओं, पहचान की पुष्टि और रोज़मर्रा के दूसरे कामों के लिए उपयोग होता हैं, लेकिन आप हर जगह असली आधार कार्ड लेकर नहीं घूम सकते हैं और कॉपी इसकी मान्य होगी नहीं, आपकी निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल हो सकता है या आप साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। ऐसे में यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (UIDAI) 'मास्क्ड आधार' (Masked Aadhaar) की सुविधा देती है। इसमें यूज़र्स अपने 12-अंकों वाले आधार नंबर के शुरुआती आठ अंकों को छिपाकर अपनी पहचान की जानकारी शेयर कर सकते हैं।

यहाँ मास्क्ड आधार, इसके फ़ायदों, इसकी वैधता और इसे डाउनलोड करने के तरीके के बारे में पूरी जानकारी दी गई है।
मास्क्ड आधार क्या है?
मास्क्ड आधार आपके आधार कार्ड का एक ऐसा वर्शन है जिसमें आपके 12-अंकों वाले आधार नंबर के शुरुआती आठ अंक छिपे होते हैं, जबकि सिर्फ़ आखिरी चार अंक ही दिखाई देते हैं।
उदाहरण के लिए, पूरा आधार नंबर दिखाने के बजाय, मास्क्ड वर्शन इसे इस फ़ॉर्मैट में दिखाता है: XXXX-XXXX-1234।
दस्तावेज़ पर आपका नाम, पता, फ़ोटो और QR कोड जैसी दूसरी जानकारी दिखाई दे सकती है।
मास्क्ड आधार का मुख्य मकसद पहचान का सबूत देते समय आपके पूरे आधार नंबर के अनावश्यक खुलासे को कम करना है।
आपको हर जगह अपना असली आधार कार्ड शेयर करने से क्यों बचना चाहिए?
सामने वाले के मकसद या सुरक्षा पर विचार किए बिना अपने असली आधार कार्ड की कॉपी शेयर करने से आपकी निजी जानकारी के गलत इस्तेमाल का जोखिम बढ़ सकता है।
सावधान रहने के कुछ ज़रूरी कारण यहाँ दिए गए हैं:
निजी जानकारी का कम खुलासा: मास्क्ड आधार आपके आधार नंबर के शुरुआती आठ अंकों को छिपा देता है।
गलत इस्तेमाल का कम जोखिम: जब पूरी जानकारी की ज़रूरत न हो, तो यह आपके पूरे आधार नंबर के खुलासे को सीमित करता है।
बेहतर प्राइवेसी: आप हर बार अपना पूरा आधार नंबर बताए बिना पहचान की जानकारी दे सकते हैं।
डेटा लीक से सुरक्षा: अगर कोई कॉपी असुरक्षित तरीके से रखी जाती है या लीक हो जाती है, तो मास्किंग जानकारी के खुलासे को सीमित करने में मदद करती है।
हालाँकि, मास्क्ड आधार धोखाधड़ी से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है। आपको अनजान लोगों के साथ OTP, आधार से जुड़ी ऑथेंटिकेशन की जानकारी या दूसरी संवेदनशील जानकारी शेयर करने से भी बचना चाहिए।
क्या पहचान की पुष्टि के लिए 'मास्क्ड आधार' (Masked Aadhaar) मान्य है?
UIDAI, पूरा आधार नंबर दिखाने के बजाय प्राइवेसी को बेहतर बनाने वाले विकल्प के तौर पर 'मास्क्ड आधार' की सुविधा देता है। हालाँकि, इसे स्वीकार करना उस खास सर्विस या संस्था की ज़रूरतों पर निर्भर करता है।
आप इसका इस्तेमाल होटलों, प्राइवेट संस्थानों और ऐसी दूसरी जगहों पर पहचान की पुष्टि के लिए कर सकते हैं जहाँ पूरा आधार नंबर बताना ज़रूरी नहीं है। कुछ सेवाओं के लिए पहचान के किसी दूसरे तरीके या अतिरिक्त पुष्टि की ज़रूरत हो सकती है।
इसलिए, हवाई यात्रा, फाइनेंशियल सेवाओं या सरकारी प्रक्रियाओं के लिए मास्क्ड आधार पर भरोसा करने से पहले ज़रूरी शर्तों की जाँच कर लेना चाहिए। यह मान लेना गलत होगा कि हर संस्था के लिए हर स्थिति में इसे स्वीकार करना कानूनी रूप से ज़रूरी है।

मास्क्ड आधार कैसे डाउनलोड करें
UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट
https://uidai.gov.in/
पर जाएँ।
आधार डाउनलोड सर्विस पर जाएँ।
ज़रूरी आधार जानकारी डालें और पुष्टि की प्रक्रिया पूरी करें।
अगर दिखाई दे, तो मास्क्ड आधार का विकल्प चुनें।
अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए OTP से पुष्टि पूरी करें।
अपने डिवाइस पर आधार PDF डाउनलोड करें।
डाउनलोड की गई फ़ाइल आमतौर पर पासवर्ड से सुरक्षित होती है। इसे खोलने के लिए डाउनलोड के साथ दिए गए निर्देशों का पालन करें।
डाउनलोड करने के नए तरीके के लिए आप UIDAI की वेबसाइट पर उपलब्ध आधिकारिक आधार सेवाओं को भी देख सकते हैं।
आधार का इस्तेमाल करते समय ज़रूरी सावधानियाँ
अपना पूरा आधार नंबर तभी शेयर करें जब सच में इसकी ज़रूरत हो।
जब पाने वाले को आपके पूरे नंबर की ज़रूरत न हो, तो मास्क्ड आधार का इस्तेमाल करें।
अपने आधार की जानकारी माँगने वाली संस्था की पहचान की पुष्टि करें।
बिना पुष्टि वाली वेबसाइटों या अनजान WhatsApp नंबरों के ज़रिए आधार की कॉपी भेजने से बचें।
बिना अनुमति के बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन को रोकने के लिए UIDAI की बायोमेट्रिक लॉक सुविधा का इस्तेमाल करने पर विचार करें।
बैंक, सरकारी विभाग या किसी दूसरी संस्था का प्रतिनिधि होने का दावा करने वाले किसी भी व्यक्ति को कभी भी आधार OTP न बताएँ।
