Aadhaar Card- क्या बच्चे का आधार कार्ड बनवाना हैं, जानिए इसका आसान प्रोसेस
दोस्तो जैसा कि हम सब जानते हैं कि भारतीयों के लिए आधार कार्ड एक जरूरी दस्तावेज हैं, जो बैंक में खाता खोलने, सिम कार्ड लेने, स्कूल और कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए काम आता हैं, इसी तरह, बच्चों के लिए भी आधार बनवाया जा सकता है, जिसे बाल आधार कहा जाता है, आइए जानते हैं आप कैसे इसे कैसे बनवा सकते हैं-

क्या है बाल आधार?
बाल आधार पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जारी किया जाने वाला आधार है। यह सामान्य आधार की तरह 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या होती है। इसमें बच्चे का नाम, जन्मतिथि, लिंग और फोटो जैसी जानकारी दर्ज होती है।
कहां बनता है बाल आधार?
बाल आधार किसी भी आधार नामांकन केंद्र या आधार सेवा केंद्र पर बनवाया जा सकता है। कुछ शिशुओं में बच्चे के जन्म के समय आधार नामांकन की सुविधा भी उपलब्ध हो सकती है।
बाल आधार कैसे बनवाएं?
सबसे पहले UIDAI की वेबसाइट पर जाएं।
मेरे आधार सेक्शन में जाकर अपॉइंटमेंट बुक करें विकल्प चुनें।
अपना शहर और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
OTP के ज़रिए मोबाइल नंबर सत्यापित करें।
आधार एनरोलमेंट सेंटर के लिए अपनी सुविधानुसार तारीख और समय चुनें।
निर्धारित समय पर बच्चे और ज़रूरी दस्तावेजों के साथ केंद्र पर जाएं।
आधार एनरोलमेंट फॉर्म भरकर ज़रूरी डॉक्यूमेंट जमा करें।
माता-पिता को अपने आधार और ज़रूरी बायोमेट्रिक डिटेल्स उपलब्ध कराएंगे।
एनरोलमेंट पूरा होने के बाद आपको एक एक्नॉलेजमेंट स्लिप दी जाएगी।
इस स्लिप पर मौजूद एनरोलमेंट आईडी से आधार एनरोलमेंट का स्टेटस चेक किया जा सकता है।
ऑनलाइन अपॉइंटमेंट के अलावा, अभिभावक सीधे आधार एनरोलमेंट सेंटर पर जाकर भी एनरोलमेंट प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

बाल आधार के लिए क्या फायदे हैं?
बच्चे की पहचान और पते के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। सरकारी योजनाओं और संबंधित लाभों के लिए उपयोगी हो सकता है।
स्कूल में एडमिशन और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में काम आ सकता है।
स्कॉलरशिप से जुड़ी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
हेल्थ इंश्योरेंस और हेल्थकेयर से जुड़ी सेवाओं में उपयोगी हो सकता है।
वैक्सीनेशन और अन्य सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में पहचान के तौर पर काम आ सकता है।
5 और 15 साल की उम्र में आधार अपडेट जरूरी
बाल आधार बनवाने के बाद इसे बच्चे की उम्र के साथ अपडेट करना महत्वपूर्ण है। बच्चे के 5 साल की उम्र पूरी होने पर बायोमेट्रिक डिटेल्स, जिसमें फिंगरप्रिंट और आईरिस की जानकारी शामिल है, अपडेट करनी होती है। बच्चे की फोटो भी अपडेट की जाती है।
इसके बाद 15 साल की उम्र में भी बायोमेट्रिक और डेमोग्राफिक डिटेल्स का अपडेट किया जाता है। इससे आधार में बच्चे की पहचान संबंधी जानकारी उम्र के अनुसार अपडेट रहता है।
