आज का पंचांग 14 जुलाई 2026: जानें अभिजित मुहूर्त, राहुकाल, तिथि, नक्षत्र और शुभ-अशुभ समय

 
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यदि आप आज किसी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा या नए कार्य की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं, तो उससे पहले दिन का पंचांग जानना उपयोगी माना जाता है। हिंदू पंचांग में तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल और अभिजित मुहूर्त जैसे कई ज्योतिषीय तत्वों का उल्लेख होता है, जिनके आधार पर शुभ समय का निर्धारण किया जाता है।

14 जुलाई 2026, मंगलवार के दिन आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि रहेगी। इसके बाद प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज चंद्रमा पहले मिथुन राशि में रहेगा और बाद में कर्क राशि में प्रवेश करेगा। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग।

14 जुलाई 2026 का पंचांग

  • दिन: मंगलवार

  • मास: आषाढ़

  • पक्ष: कृष्ण पक्ष

  • तिथि: अमावस्या दोपहर 3:12 बजे तक, इसके बाद प्रतिपदा

  • नक्षत्र: पुनर्वसु

  • चंद्र राशि: मिथुन (शाम 6:48 बजे तक), इसके बाद कर्क राशि

  • सूर्य राशि: मिथुन

आज का अभिजित मुहूर्त

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अभिजित मुहूर्त को दिन का अत्यंत शुभ समय माना जाता है। यदि किसी कारणवश अन्य शुभ मुहूर्त उपलब्ध न हो, तो कई लोग इस अवधि में महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करना उचित मानते हैं।

  • अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:55 बजे तक

आज का राहुकाल

ज्योतिष परंपरा में राहुकाल को नए और मांगलिक कार्यों की शुरुआत के लिए सामान्यतः उपयुक्त नहीं माना जाता। इसलिए इस अवधि में नए कार्य आरंभ करने से पहले कई लोग सावधानी बरतते हैं।

  • राहुकाल: दोपहर 3:54 बजे से शाम 5:38 बजे तक

दिशा शूल

आज दिशा शूल उत्तर दिशा में माना गया है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यदि उत्तर दिशा की यात्रा आवश्यक हो, तो स्थानीय परंपरा या योग्य ज्योतिषाचार्य की सलाह के अनुसार उपाय किए जा सकते हैं।

अमावस्या का धार्मिक महत्व

आषाढ़ अमावस्या को पितरों के स्मरण, तर्पण, दान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए महत्वपूर्ण तिथि माना जाता है। कई श्रद्धालु इस दिन पवित्र नदी में स्नान, पितृ तर्पण और जरूरतमंदों को दान-पुण्य करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धा और विधि-विधान से किए गए इन कार्यों से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होने की कामना की जाती है।

आज किन कार्यों के लिए शुभ माना जाता है?

अभिजित मुहूर्त के दौरान पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान, महत्वपूर्ण निर्णय, नए कार्यों की शुरुआत और शुभ संकल्प लेना पारंपरिक रूप से लाभकारी माना जाता है। वहीं राहुकाल के दौरान नए कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है।

निष्कर्ष

14 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज आषाढ़ अमावस्या होने के साथ-साथ अभिजित मुहूर्त भी उपलब्ध है, जबकि राहुकाल का समय अलग से निर्धारित है। यदि आप किसी शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं, तो पंचांग में बताए गए समय का ध्यान रखना उपयोगी माना जाता है। हालांकि, विभिन्न क्षेत्रों में पंचांग की गणना में थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य की सलाह को प्राथमिकता देना उचित रहेगा।

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