क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसी जगहें भी मौजूद हैं, जहां 30 से भी कम लोग रहते हैं! इस जगह का इतिहास भी अनूठा है और इसकी लोकेशन भी काफी अट्रैक्टिव है। बता दे की इसे एक कस्बे के रूप में भी जाना जाता है और इसकी खासियत है कि आप इसे पैदल घूमकर भी पूरा कर सकते हैं।
वैसे ये सुनने और पढ़ने में बहुत अजीब लग सकता है कि पैदल ही शहर या कस्बे को पूरा घूम लेना। जी हां इस टाउन में आपको आने-जाने के लिए गाड़ी की जरूरत नहीं पड़ेगी।चलिए आपको बताते हैं दुनिया के सबसे छोटे टाउन यानी कस्बे के बारे में..
रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां साल 2021 में जनगणना की गई, जिसमें यहां की आबादी करीब 27 आंकी गई। इससे पहले साल 2011 में जनगणना की गई थी।ये जनगणना सेंट्रल इस्ट्रिया की ओर से जारी गई, जिसमें बताया गया कि उस समय की आबादी महज 21 थी।बाद में ये बढ़कर 27 हो गई।


कहा जाता है कि यहां कुछ सैनिक बसने के लिए आए थे लेकिन किन्हीं कारणों की वजह से वे अपना परिवार नहीं बसा पाए।विकास न होने की वजह से यहां दो ही सड़के मौजूद हैं।यहां बने मकान पुराने तरीकों से बने हुए हैं।
कस्बा इतना छोटा है कि यहां सिर्फ दो ही स्ट्रीट यानी सड़के मौजूद हैं।इस जगह को कुछ ही देर में पैदल भी घूमा जा सकता है।


इसके इतिहास से जुड़े सटीक प्रमाण किसी के पास नहीं है, लेकिन कहा जाता है कि कस्बे का सबसे पहला उल्लेख कागजों में साल 1132 में मिला था।कहते हैं कि उस समय इसे चोलम के नाम से पुकारा जाता है।किसी समय एक शासक ने यहां पुराने अंदाज में पत्थरों से दीवारों का निर्माण करवाया था।सुरक्षा को देखते हुए यहां टावर भी बनवाया गया ताकि आसानी से निगरानी की जा सके।


दरअसल, ये टाउन यूरोप के देश क्रोएशिया की राजधानी जाग्रेब से कुछ किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है।स्थानीय लोग इसे ‘हम’ के नाम से पुकारते हैं। इस टाउन यानी कस्बे का इतिहास भी रोचक है।

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