बता दें कि गलत खान-पान तथा अनियमित जीवनशैली के कारण हाई ब्लडप्रेशर ने अधिकांश लोगों को अपने चपेट में ले रखा है। यह बीमारी सामान्य लगती है, लेकिन इससे हृदयाघात और दिल से जुड़ी बीमारियों के होने का खतरा बना रहता है। इतना ही नहीं अनियंत्रित रक्तचाप से ब्रेन अटैक या स्ट्रोक्स का जोखिम बढ़ जाता है।

बता दें कि उम्र बढ़ने के साथ ही ब्लड प्रेशर में बढ़ोतरी होती है। युवाओं में यह औसतन 20/80 एमएमएचजी होता है। 120 का अंक हाई ब्लड प्रेशर तथा 80 अंक तक के ब्लडप्रेशर को नीचे का ब्लडप्रेशर कहा जाता है।

युवाओं में 140 सिस्टोलिक तथा बुजुर्गों में 150 से अधिक ब्लड प्रेशर होने पर निगरानी की जरूरत होती है। अधिकांश डॉक्टर्स के मुताबिक, पिज्जा, मोमोज और रोल खाने से अधिकांश युवा हाईब्लड प्रेशर के शिकार हो रहे हैं। मतलब साफ है, जंक फूड्स और चिकनाई युक्त खाद्य पदार्थों तथा नमक का अधिक सेवन हाई ब्लडप्रेशर के जोखिम को बढ़ा देता है।

हाई ब्लडप्रेशर के दुष्प्रभाव

- हाई ब्लडप्रेशर दिल का दौरा पड़ने की वजह बन सकता है।

- हाई ब्लडप्रेशर से मस्तिष्क की नसें फट सकती हैं।

- हाई ब्लडप्रेशर से पेट, किडनी तथा गुर्दे के अलावा आंख को भी नुकसान पहुंचता है।

ब्लडप्रेशर की समस्या से ग्रस्त लोगों को नियमित रूप से जांच कराना चाहिए। सबसे चिंता की बात यह है कि उच्च रक्तचाप युवाओं को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहा है। 20 से 40 साल के उम्र के लोगों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है।

हाई ब्लडप्रेशर का इलाज

डॉक्टर से परामर्श लेकर दवाओं का सेवन करें। अपने वजन को नियंत्रित रखें तथा धूम्रपान व शराब से परहेज करें। जीवनशैली में परिवर्तन करें। शारीरिक श्रम अथवा व्यायाम आदि करें। तनाव बढ़ने से हाई ब्लडप्रेशर का सीधा संबंध होता है।

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