सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है। ठंड के मौसम में लोग चाय पीना पसंद करते हैं। सर्दियों में लोग सिर्फ दिन में ही नहीं बल्कि रात के खाने के बाद भी चाय पीना पसंद करते हैं। बात जब कुलहड़नी की चाय की आती है तो हर किसी की राय अलग होती है। कुल्हड़ की चाय अब गांव ही नहीं शहरों में भी काफी मशहूर हो गई है। कुछ लोगों को संदेह है कि मिट्टी के प्यालों में परोसी जाने वाली चाय उनके स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचा रही है। तो आपको बता दें कि कुल्हड़ में चाय पीने से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है, यह हमारी सेहत को भी फायदा पहुंचाता है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक यह एक ईको-फ्रेंडली प्रोडक्ट है, जो चाय पीने के बाद पेट में एसिडिटी की समस्या से बचने में मदद करता है, इसलिए आज हम आपको कुल्हड़ में चाय पीने के फायदों के बारे में बताएंगे। कुल्हड़ में अल्फालाइन पाया जाता है, जो पेट में एसिड नहीं बनने देता, इसलिए चाय पीने के बाद गैस की समस्या नहीं होती है। इस तरह चाय पीने के बाद आपको खट्टी डकारें और पाचन संबंधी समस्याएं नहीं होती हैं।


अक्सर हम प्लास्टिक के कपों में गर्म चाय पीते हैं, जिससे चाय में रासायनिक प्रभाव हो सकते हैं। जब आप मिट्टी के बर्तन में चाय पीते हैं, तो यह हमें रसायनों से दूर रखती है क्योंकि यह पर्यावरण के अनुकूल और रासायनिक मुक्त है। बता दें कि अगर हम किसी दुकान में प्लास्टिक के गिलास या कप में चाय पीते हैं, तो इन्हें अच्छी तरह से नहीं धोया जाता है, इसलिए संक्रमण का खतरा अधिक होता है। हालांकि, एक कुल्हाड़ी कप का उपयोग किया जाता है, इसलिए संक्रमण का कोई खतरा नहीं है।

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