राजस्थान में स्वाइन फ्लू से मरने वालों का सिलसिला अभी जारी है। बता दें कि इस राज्य में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 85 तक पहुंच चुकी है। जबकि अभी 2,300 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। जानकारी के लिए बता दें पूरे देश में स्वाइन फ्लू से सबसे अधिक मौत राजस्थान में ही हुई हैं।

क्या कर रही है राजस्थान सरकार

स्वाइन फ्लू पर रोक लगाने के लिए राजस्थान सरकार हरकत में आ चुकी है। सरकार का दावा है कि वह स्वाइन फ्लू पर पैनी नजर रखे हुए है। सभी अस्पतालों में मरीजों के इलाज पर सजग और सक्रिय निगरानी रखी जा रही है।

आइए जानें, क्या है स्वाइन फ्लू वायरस

यह बीमारी एच1एन1 वायरस के जरिए फैलती है। सूअर में इस बीमारी के वायरस पाए जाते हैं। स्वाइन फ्लू सूअरों से होने वाला सांस संबंधी एक अत्यंत संक्रामक रोग है, जो सांसों के जरिए गुणात्मक रूप से फैलता है। सामान्यतया यह वायरस सूअरों से ही चारो तरफ फैलता है।

स्वाइन फ्लू के लक्षण

बहुत तेज बुखार, अत्यधिक थकान, गले में खराश, नाक निरंतर बहना, सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ, मांसपेशियों में बेहद दर्द, पेट खराब होना, जैसे कि उल्टी या दस्त होना, कफ, भूख कम लगना आदि। अगर किसी व्यक्ति में ऐसे कम से कम दो लक्षण दिखाई दे रहे हों, वह स्वाइन फ्लू से संक्रमित हो सकता है।

स्वाइन फ्लू से कैसे बचें?

स्वाइन फ्लू का लक्षण दिखते ही डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। घर में साफ सफाई का विशेष ख्याल रखें। हाथों को एंटी बैक्टीरियल साबुन से धोना कभी नहीं भूलें। छींकते समय मुंह पर रूमाल रखें। जुकाम से संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें। सुबह के समय पांच तुलसी के पत्तों का सेवन करें। रात में सोते समय हल्दी डालकर दूध पीएं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीजों का सेवन करें।

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