एक पूर्ण और सफल जीवन के लिए शिक्षा एक जरूरी चीज है। लोग अपने जीवन में काफी पढ़ना भी चाहते हैं और इसके लिए उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं होते। ऐसे में एजुकेशन लॉन का फायदा छात्रों को मिल सकता है।

इसे ध्यान में रखते हुए, माता-पिता, जो अपने बच्चों को सर्वोत्तम संभव शिक्षा प्रदान करना चाहते हैं अपने पैसे म्यूचुअल फंड (एमएफ), सावधि जमा (एफडी), यूनिट-लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूएलआईपी) इत्यादि में निवेश करते हैं। लेकिन इन सबके बावजूद, अभी भी धन की कमी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, एक शिक्षा लॉन, इस तरह के परिदृश्य में कमी और आवश्यक राशि के बीच के अंतर को पुल करने में मदद करके एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

एजुकेशन लोन कवर क्या करता है?

इसमें कोर्स फीस और अन्य संबंधित खर्च शामिल हैं जैसे कि (कॉलेज) आवास, परीक्षा और अन्य विविध शुल्क।

लोन के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

एक छात्र मुख्य रूप से इसके लिए अप्लाई कर सकता है। एक माता-पिता, पति या भाई सह-आवेदक हो सकते हैं।

लोन किसके लिए दिया जाता है?

यह उन छात्रों को दिया जाता है जो भारत में पढ़ना चाहते हैं या विदेशों में उच्च शिक्षा करना चाहते हैं। भारत और विदेशों में अध्ययन के लिए दी गई अधिकतम राशि अलग-अलग होती है और एक बैंक से दूसरे में भिन्न होती है।

लोन के अंतर्गत किन कोर्स को शामिल किया गया है

इसे इंजीनियरिंग, प्रबंधन, चिकित्सा, होटल प्रबंधन, वास्तुकला इत्यादि के क्षेत्र में पूर्णकालिक, अंशकालिक या व्यावसायिक पाठ्यक्रम और स्नातक या स्नातकोत्तर के लिए लिया जा सकता है।

योग्यता

लोगन के लिए आवेदन करने के लिए भारत या विदेश में सक्षम प्राधिकारी द्वारा मान्यता प्राप्त कॉलेज / विश्वविद्यालय में प्रवेश प्राप्त करने के बाद, एक भारतीय नागरिक होना चाहिए। आवेदक ने अपना उच्च माध्यमिक स्तर की स्कूली शिक्षा पूरी कर ली होगी। कुछ बैंकों ने विश्वविद्यालय में प्रवेश हासिल करने से पहले भी ऋण की पेशकश की है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशानिर्देशों के अनुसार, ऊपरी आयु सीमा पर कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन कुछ बैंकों के पास यह हो सकता है।

बैंकों को संस्थान, प्रवेश संरचना, कक्षा X, XII और स्नातक (यदि लागू हो) मार्कशीट के प्रवेश पत्र जैसे अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता होती है। सह-आवेदक के वेतन पर्ची या आयकर रिटर्न (आईटीआर) जैसे आय दस्तावेज भी आवश्यक हैं।

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