आपने बचपन से फिल्मों में देखा होगा या कहीं ना कहीं सुना होगा कि पुलिस की सबसे भयंकर जो सजा होती है वो है थर्ड डिग्री टॉर्चर में ले लेना और हमेशा से ही आपने मन में ये जानने की जिज्ञासा रही होगी कि आखिर थर्ड डिग्री टॉर्चर में ऐसा क्या होता है, तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि थर्ड डिग्री टॉर्चर में आखिर होता क्या है? पुलिस सच निकलवाने के लिए किस तरह के पैंतरे आजमाती है।

जैसा कि हम सभी को पता है कि पुलिस जब सच उगलवाना शुरू करती है तो आराम से पूछती है लेकिन फिर भी सच बाहर नहीं आ पाता है तो पुलिस हल्के बल से लेकर थर्ड डिग्री टॉर्चर तक को काम में लेती है।

एक और रोचक बात यह है कि पुलिस वालों की तरफ से इन थर्ड डिग्री टॉर्चर के कुछ खास नाम भी दिए हुए रहते हैं। जैसे कि पैट्रोल मार, आन मिलो सजना, गुल्ली-डंडा, हेलिकॉप्टर मार।

"आन मिलो सजना"-

इस थर्ड डिग्री टॉर्चर में पुलिस वाले सच निकलवाने के लिए अपराधी को पहले पूरा नग्न कर देते हैं उसके बाद उसके कमर के ऊपर बैठ जाते हैं और लैदर के एक खास पट्टे जैसे हथियार से उसको धीरे-धीरे पीटा जाता है। थोड़ी ही देर में कैदी सबकुछ सच उगल देता है।

हेलिकॉप्टर मार-

इस थर्ड डिग्री टॉर्चर में कैदी को किसी भी तरह के डंडे से मारा नहीं जाता है, उस कैदी को मोटी रस्सियों से बांधकर उलटा लटका दिया जाता है। कई घंटों तक उसको ऐसे ही रखा जाता है और कुछ देर बाद उसके खून का फ्लो नीचे की ओर होने लग जाता है जिससे कि वो सुन्न हो जाता है।

पेट्रोल-मार-

इस थर्ड डिग्री टॉर्चर को सबसे खतरनाक बताया जाता है इस दौरान पुलिस कैदी को पूरा नग्न कर लेती है जिसके बाद उसके शरीर के कुछ नाजुक हिस्सों में पेट्रोल डाल दिया जाता है, लेकिन ये बहुत कम ही काम में लिया जाता है।

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